दीपक दो दिन शहर में भ्रमण करते रहे। सोमवार को सिंधौना निवासी शख्स दीपक को स्कार्पियो से लेकर बनारस से नई दिल्ली के लिए निकला। प्रतापगढ़ पहुंचने पर सिंधौना निवासी शख्स ने दीपक से कहा कि स्कूल का वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया है। बच्चे घायल हैं, इसलिए उसे अस्पताल जल्दी पहुंचना होगा। यह कह कर उसने स्कार्पियो घुमा ली।
सुल्तानपुर से जौनपुर के बीच दीपक को सिंधौना निवासी शख्स ने पिस्टल सटा दी और चौबेपुर स्थित महाकालेश्वर मंदिर के तहखाने में ले जाकर रस्सी से हाथ बांध दिया। दीपक के पास लाइटर था तो मंगलवार को उन्होंने रस्सी को उससे जला दिया। पास ही स्थित एक हाल में एक व्यक्ति का मोबाइल चार्जिंग के लिए लगा था। उसी से दीपक ने परिजनों को फोन किया।
परिजनों ने 112 नंबर पर कॉल किया तो पुलिस आई और छापा मार कर दीपक को तहखाने से बाहर निकाला। पुलिस ने तहखाने की रखवाली कर रहे एक युवक और मंदिर में पूजा कर रहे एक युवक को हिरासत में लिया। दोनों युवक समीप के ही बैरागीपुर गांव के बताए गए हैं। इस संबंध में एसपी ग्रामीण एमपी सिंह ने बताया कि हिरासत में लिए गए दोनों युवकों से पूछताछ की जा रही है। जल्द ही वारदात का खुलासा किया जाएगा।