गिरफ्तारी के लिए मकान के बाहर तैनात पुलिस
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बताते चलें कि अस्सी घाट पर महाशिवरात्रि के पर ज्ञानवापी मुक्ति आंदोलन की घोषणा हुई थी। शंखनाद, घंटा घड़ियाल के बीच हर-हर महादेव के नारों के बीच शिव भक्तों ने दोनों हाथ उठाकर श्री काशी विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग एवं मां शृंगार गौरी की मूर्ति को मुक्त कराने का संकल्प लिया था।
अस्सी घाट पर जुटे शिव भक्तों ने कहा कि अब तब तक चैन से नहीं बैठेंगे जब तक बाबा विश्वनाथ और मां गौरी को ज्ञानवापी मस्जिद से मुक्त नहीं करा देंगे। इस दौरान सुधीर सिंह, बृजेश चंद्र पाठक, राकेश पांडेय, राजेश सिंह, विनोद भारद्वाज, मार्कंडेय तिवारी, मुकेश सिंह, शिवेंद्र सिंह, राजीव राय, रतन वीर सिंह, कमलेश सिंह, सोनिया जैन, बबलू, राजू मौजूद रहे।