सीओ के मुताबिक राम अशीष अपने घर के अगले हिस्से में यह काम करता था। उसके कमरे से दो तमंचा 315 बोर, एक कारतूस 12 बोर, एक खोखा कारतूस 12 बोर, तीन कारतूस 315 बोर, आठ खोखा कारतूस 315 बोर, तीन खोखा कारतूस के अलावा हथौड़ी, लोहे के स्प्रिंग, नट-बोल्ट, रोहे की पट्टी, टुकड़ा, छर्रा, सुम्मी, ब्लेड, पाइप आदि बरामद किया गया।
उन्होंने बताया कि उसके पिता स्व. कृपाशंकर सेठ सुनार थे। उनके देहांत के बाद से उनके उपकरणों की मदद से इसने असलहा बनाने का धंधा शुरू कर दिया था। गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत कर जेल भेज दिया गया।