बिहड़ा गांव में पावर हाउस के पास सोमवार की रात दलित और वनवासी बस्ती के लोग जुआ हो रहे थे। इसी बीच रुपये के लेनदेन में विवाद हो गया। लोग लाठी-डंडे लेकर निकल आए और एक-दूसरे को पीटने लगे। इसकी सूचना किसी ने डायल-112 पर दे दी। पीआरवी और थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई।
आरोप है कि दलित बस्ती के घायलों को पुलिस एंबुलेंस से अस्पताल ले जाने लगी। इस पर वनवासी बस्ती के लोगों ने नाराजगी जताई और कहा कि हमारे पक्ष के भी लोग घायल हैं। उन्हें भी एंबुलेंस के जरिये अस्पताल में भर्ती कराया जाए। इससे पुलिस और वनवासी बस्ती के लोगों के बीच तनातनी बढ़ गई।
इसी बीच पुलिस की टीम पर पथराव होने लगा। इस कारण पुलिस को पीछे हटना पड़ा। इसका फायदा उठाकर ही कुछ लोगों ने दरोगा कौशल किशोर की बाइक में आग लगा दी। इसकी सूचना कंट्रोल को दी गई फिर मिर्जामुराद, राजातालाब, जंसा और कपसेठी थानों की पुलिस, पीएसी भेजी गई। उग्र भीड़ को नियंत्रित किया गया।
एसीपी राजातालाब अजय श्रीवास्तव ने बताया कि दरोगा की बाइक फूंकने और मारपीट मामले में दलित बस्ती की दंपती मैना, बचाऊ वनवासी और शीला, बंसी, नीरज कुमार, बिंदु कुमार गौतम, संदीप कुमार गौतम, धर्मेंद्र कुमार और इंद्रावती देवी को गिरफ्तार किया गया है। केस दर्ज करके मामले की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो के आधार पर आरोपियों को चिह्नित किया जा रहा है। विवाद में विशुन देवी, गुड्डू, किशन सहित कुछ ग्रामीणों को चोटें आईं हैं।
8 दिन में दूसरी बार पुलिस पर हमला
13 अक्तूबर को चौबेपुर थाना क्षेत्र के रूस्तमपुर में बुजुर्ग बेनाऊ की मौत के बाद भड़की भीड़ ने एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना, एसआई दुर्गेश मिश्रा, कांस्टेबल अशोक यादव समेत पांच पुलिसकर्मियों पर पथराव किया था। चौबेपुर थाने में 10 नामजद और 60 अज्ञात पर केस दर्ज किया गया। चौबेपुर थाना प्रभारी निरीक्षक अजीत कुमार वर्मा ने बताया कि गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
दरोगा और कांस्टेबल की कचहरी में हुई थी पिटाई
16 सितंबर को कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं के समूह ने बड़ागांव थाना के दरोगा मिथिलेश प्रजापति और कांस्टेबल राणा प्रसाद की पिटाई कर दी थी। मामले में अधिवक्ता और पुलिस आमने-सामने हो गई थी। इस घटना की निष्पक्ष जांच को लेकर एसआईटी गठित की गई है।
पुलिस की टीयर गन और मोबाइल भी लूट ले गए थे हमलावर
4 अप्रैल 2020 को फूलपुर के थानेरामपुर बस्ती में पहुंची पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने पथराव और हमला किया था। तत्कालीन फूलपुर इंस्पेक्टर घायल हुए थे। ग्रामीणों ने पुलिस की टीयर गन और मोबइल तक लूट ली थी।
छह साल पहले पुलिस पर हुआ था पथराव
जंसा थाना के हरसोस में लूट के आरोपी को गिरफ्तार करने पहुंची जौनपुर पुलिस और एसओजी टीम को बंधक बनाकर पिटाई की गई थी। 29 अक्तूबर 2019 की इस घटना में कई पुलिसकर्मियों के सिर फटे थे और कई के हाथ फ्रैक्चर हुए थे। रोहनिया पुलिस पर भी पथराव हुआ था।