बनारस में कुछ पुलिसकर्मियों की एक अनदेखी ने पूरे पुलिस विभाग पर सवाल खड़ा कर दिया है। पुलिस ने कुछ ऐसा किया जिसके कारण पूरे पुलिस विभाग की किरकिरी हो रही है।
वहीं सशस्त्र सलामी देने के मामले की जांच कर रहे सीओ बड़ागांव शफीक अहमद खान ने दरोगा उदयभान सिंह और सिपाहियों को बयान दर्ज करने के लिए तलब किया है। बयान दर्ज कराने की नोटिस भेजी गई है। जांच रिपोर्ट एसएसपी को सौंपी जाएगी।
बड़ागांव क्षेत्र के डॉ. एसडी अग्रवाल की मां शारदा देवी का निधन बीते शनिवार को हुआ था। जानकारी पाकर बड़ागांव थाने के दरोगा उदयभान सिंह और तीन कांस्टेबल डॉ. अग्रवाल के घर पहुंचे। इनमें से दरोगा और दो कांस्टेबल ने शारदा देवी के शव को सशस्त्र सलामी दी थी।
प्रकरण ‘अमर उजाला’ में छपने के बाद एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने सीओ बड़ागांव को जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है। वहीं, एडीजी जोन, आईजी रेंज और यूपी पुलिस के ट्विटर हैंडल से ट्वीट कर मामले की जांच कराकर कार्रवाई का निर्देश एसएसपी को दिया गया।
सशस्त्र सलामी प्रकरण से हुई किरकिरी का मामला बड़ागांव थाना क्षेत्र के पुलिसकर्मियों के बीच चर्चा का विषय है। पुलिसकर्मियों का कहना है कि दरोगा और सिपाही जब सलामी देने जा रहे थे तो वहां पहले से ही मौजूद एसडीएम पिंडरा नागेंद्र नाथ यादव ने उन्हें ऐसा करने से क्यों नहीं रोका..? नजदीकी रिश्तों के कारण एसडीएम को तो इस परिवार के बारे में जानकारी रही ही होगी।