आरोप है कि पूरी रकम लेने के बावजूद अरविंद ने जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई। इसके विपरीत उसने डॉ. राकेश के खाते में 21 लाख 89 हजार रुपये वापस भेज दिए, लेकिन भूमि का स्वामित्व हस्तांतरित नहीं किया।
पीड़ित का यह भी आरोप है कि 2018 में अरविंद कुमार सिंह की खरीदी गई टाटा सफारी की मासिक किस्तों का भुगतान भी उन्होंने किया था। जब उन्होंने बार-बार जमीन की रजिस्ट्री कराने की मांग की तो आरोपी गालीगलौज करने लगा और टालमटोल करता रहा।
डॉ. राकेश प्रताप सिंह का आरोप है कि नकद भुगतान, बैंक ट्रांजैक्शन, वाहन की किस्तों और मकान निर्माण पर खर्च को मिलाकर आरोपी ने 2 करोड़ 64 लाख 70 हजार 306 रुपये की धोखाधड़ी की है। थाना प्रभारी राजकुमार शर्मा ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।