वाराणसी के कबीर मठ के महंत विवेक दास सहित दो लोगों के खिलाफ जोधपुर में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र के आरोप में अदालत के आदेश पर मुकदमे की ये कार्रवाई की गई है।
कबीरचौरा स्थित कबीर मठ के महंत विवेक दास और उज्जैन के चेतन दास के खिलाफ राजस्थान की जोधपुर सिटी पूर्व के उदय मंदिर थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक षड्यंत्र सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई अदालत के आदेश से जोधपुर के फतेहसागर स्थित कबीर आश्रम के महंत राजेंद्र दास के प्रार्थना पत्र पर की गई है।
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महंत राजेंद्र दास के अनुसार, उनके गुरु महंत प्रह्लाद दास कोविड काल में ब्रह्मलीन हुए थे। उनके गुरु की घोषणा और आज्ञा के अनुसार आठ जुलाई 2021 को उन्हें जोधपुर स्थित कबीर आश्रम का महंत घोषित किया गया था। महंत प्रह्लाद दास की मृत्यु के बाद कबीर आश्रम की संपत्तियों को लेकर चेतन दास की नीयत खराब हुई। कबीर आश्रम की संपत्ति हड़पने के लिए चेतन दास नौ अक्तूबर 2023 को विवेक दास के साथ साजिश रच कर उनसे राजेंद्र दास के महंत प्रमाणपत्र का निरस्तीकरण पत्र बनवाया।
महंत राजेंद्र दास ने कहा कि विवेक दास ने उन्हें महंत नियुक्त ही नहीं किया है तो उन्हें उनके प्रमाणपत्र को निरस्त करने का अधिकार भला कहां से मिल जाएगा? इसके अलावा काशी के कबीरचौरा स्थित कबीर मठ को जोधपुर के कबीर आश्रम के महंत की महंती का प्रमाणपत्र जारी करने या निरस्त करने का अधिकार भी नहीं है।
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जोधपुर स्थित कबीर आश्रम जोधपुर-मारवाड़ राज्य द्वारा धार्मिक पट्टों से प्राप्त संपत्ति का आश्रम है। महंत राजेंद्र दास ने कहा कि विवेक दास और चेतन दास के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए उन्होंने जोधपुर की पुलिस से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद वह अदालत की शरण में गए।
मई माह में जेल भेजे गए थे महंत विवेक दास
महंत विवेक दास के खिलाफ वर्ष 2022 में एक महिला ने अदालत में परिवाद दाखिल कर अश्लील टिप्पणी का आरोप लगाया था। इस मामले में उनकी अग्रिम जमानत निरस्त कर गत मई महीने के पहले हफ्ते में अदालत ने उन्हें जेल भेज दिया था। इस महीने के पहले हफ्ते में ही जमानत पर वह जेल से बाहर आए हैं।