पुलिस की लापरवाही से एक बेकसूर को 24 घंटे तक थाने में बैठना पड़ा। वजह कि जिसके नाम का वारंट जारी था, उसकी जगह पुलिस किसी और को पकड़ लाई। जेल भेजने से पहले सच्चाई सामने आने पर पुलिस ने वारंटी को पकड़ा और निर्दोष को छोड़ दिया। मामला यूपी के जौनपुर का है।
एसपी केके चौधरी का कहा कि थाना क्षेत्र में एक ही नाम के दो गांव हैं। जिसके खिलाफ वारंट था, उसका और दूसरे व्यक्ति का नाम और पिता के नाम भी एक ही हैं। दोनों जैनू राम के पिता का नाम पोड़ई है। जिसे गलती से लाया गया था, उसे छोड़ दिया गया और वारंटी का चालान कर दिया गया।
मामले के अनुसार बदलापुर थाना क्षेत्र में कस्तूरीपुर नाम के दो गांव हैं। एक गांव बदलापुर थाने के करीब है, जबकि दूसरा महराजगंज ब्लाक में है। मारपीट के एक मामले में कस्तूरीपुर गांव के जैनूराम के नाम वारंट था। पुलिस बदलापुर कस्बे के पास के कस्तूरीपुर गांव के जैनूराम को गुरुवार की सुबह थाने उठा लाई।
जैनूराम दुहाई देता रहा कि न उसने कोई अपराध किया न उस पर कोई मुकदमा है पर पुलिस ने एक न सुनी। रातभर उसे थाने में बैठाए रखा। सुबह चालान भेजने से पहले मेडिकल के लिए सीएचसी ले जाया गया तो पुलिस को गलती का एहसास हुआ।
पता चला कि महराजगंज ब्लाक के कस्तूरीपुर के जैनूराम के खिलाफ वारंट है। आननफानन में पुलिस ने असली वारंटी को पकड़ा और फिर जैनूराम को छोड़ दिया।