सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भगृह में मंगलवार की शाम एक हेड कांस्टेबल मोबाइल से फोटो खींचने लगा। गर्भ गृह प्रभारी की हेड कांस्टेबल पर नजर पड़ी तो उन्होंने उसे रोका। आननफानन में हेड कांस्टेबल को मंदिर परिक्षेत्र से बाहर कर उसकी करतूत की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी गई।
विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मी द्वारा की गई इस बड़ी चूक को लेकर उस पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर पूर्णतया प्रतिबंध है। समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद धर्मेंद्र यादव श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन करने गए थे।
मंदिर के गेट नंबर चार पर हेड कांस्टेबल फूलचंद यादव की ड्यूटी थी। धर्मेंद्र यादव गर्भ गृह में दर्शन करने पहुंचे तो फूलचंद अपनी जेब से मोबाइल निकाल कर फोटो खींचने लगा। गर्भ गृह प्रभारी की नजर हेड कांस्टेबल पर पड़ी तो उन्होंने उसे फोटो खींचने से रोका।
इस पर वह गर्भ गृह प्रभारी से कहासुनी पर उतारू हो गया। हेड कांस्टेबल की करतूत तब तक मंदिर में लगे सीसी कैमरे में कैद हो गई थी और दो बार वायरलेस सेट से इस संबंध में सूचना प्रसारित की गई। गर्भ गृह और मंदिर में मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने हेड कांस्टेबल को परिसर से बाहर किया और उसे गेट नंबर चार की ड्यूटी से हटाया गया।