पुलिस आयुक्त ने बताया कि लखनऊ में पुलिस आयुक्त प्रणाली को लागू हुए लगभग 15 महीने होने को आए। इसलिए दो एडिशनल एसपी और एक डीएसपी को वहां के अफसरों से प्रशिक्षण लेने के लिए भेजा गया है। तीनों अफसर लखनऊ से प्रशिक्षण लेकर आएंगे तो अपने अनुभव यहां के पुलिस अफसरों और कर्मचारियों के साथ साझा करेंगे। लखनऊ के कमिश्नरेट के अच्छे अनुभव के साथ बनारस में काम किया जाएगा।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि वह 2012 से दो साल तक बनारस में डीआईजी रेंज के पद पर काम कर चुके हैं। इसलिए वह बनारस के भौगोलिक स्थिति और यहां के माफिया गिरोहों से वाकिफ हैं। इसके अलावा चेन स्नेचिंग करने वालों, जुआ खेलने-खिलाने वालों और मादक पदार्थों की तस्करी करने वालों के खिलाफ जल्द ही अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए वह पब्लिक से सोशल मीडिया के माध्यम से सुझाव लेंगे। जिनके सुझाव अच्छे होंगे, उन पर काम कर सफलता मिलने के बाद उन्हें पुलिस की ओर से सम्मानित किया जाएगा। शहर की यातायात व्यवस्था को सुधारना उनकी शीर्ष प्राथमिकता में शामिल है। यातायात समस्या, जमीन संबंधी विवाद, महिला अपराध आदि के लिए थानों और चौकियों पर अलग-अलग शिकायत पेटी भी रखी जाएगी। साइबर क्राइम के लिए साइबर साथी कार्यक्रम शुरू कर जन-जन को जागरूक किया जाएगा।