वाराणसी। सिपाही भर्ती परीक्षा धांधली में गिरफ्तार राजेश कुमार महतो उर्फ रजनीश ने बताया कि वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों को पैसे का लालच देकर मोहरा बनाता था। इसके बाद उन्हें परीक्षा में अभ्यर्थियों की जगह बैठाता था। पुलिस राजेश के गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है। मंगलवार को राजेश को अदालत में पेश कर जेल भेज दिया गया।
यूपी पुलिस की सिपाही भर्ती परीक्षा 2018 में हुई धांधली का बीते साल दिसंबर में बायोमीट्रिक वेरिफिकेशन के दौरान भंडाफोड़ हुआ था। प्रकरण में टीसीएस कंपनी के कर्मचारी सहित छह लोग अब तक जेल भेजे जा चुके हैं। नदेसर चौकी प्रभारी अशोक कुमार के अनुसार, बिहार के नालंदा के बिहार शरीफ निवासी राजेश ने बताया कि उसके क्षेत्र में कई कोचिंग सेंटर हैं। उन्हीं कोचिंग सेंटर के होनहार विद्यार्थियों को उसने पैसे का लालच देकर सिपाही भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थियों की जगह पेपर देने के लिए बैठाया था। नदेसर चौकी प्रभारी ने बताया कि कुछ अन्य लोग भी इस प्रकरण में चिह्नित किए गए हैं। उनके बारे में पूरी तरह से तस्दीक कर उन्हें भी जल्द ही गिरफ्तार किया जाएगा।