दोनों सेंटर से 250 युवक और युवतियों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला गया। मौके से कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी मिले। दोनों सेंटर को सील कर दिया गया है। बेरोजगार युवक और युवतियों को नौकरी दिलाने के नाम पर रुपये ऐंठने संबंधित सिंडीकेट पिछले कई दिनों से चल रहा था। अलग-अलग राज्य और जिले के युवक-युवतियों को झांसा देकर पिरामिड स्कीम के तहत फ्रॉड की ट्रेनिंग दी जा रही थी।
एसीपी सारनाथ विदुष सक्सेना ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में गाजीपुर के सैदपुर भीमापार निवासी श्रवण कुमार, मध्य प्रदेश के छतरपुर बभनौरा भदौरा निवासी जितेंद्र सिंह ठाकुर, बेगूसराय साहेबपुर कमाल थाना क्षेत्र के श्रीचांदपुर निवासी शुभम कुमार, पटना के राजीव नगर कॉलोनी निवासी मनीष कुमार सिंह, धनबाद के राजगंज निवासी आशुतोष कुमार और आजमगढ़ के फूलपुर थाना क्षेत्र के नेवादा निवासी मो. तैयब शामिल है। दोनों सेंटर का मालिक आजमगढ़ के मेहनाजपुर निवासी इंद्रजीत कुमार है। इसके खिलाफ प्रतापगढ़ में भी प्राथमिकी दर्ज है।
पुलिस की गिरफ्त में छह आरोपी।
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आरोपी इंद्रजीत कुमार ने स्वास्तिक एसोसिएट नाम से कंपनी खोली और रायल हेल्थ इंडिया नाम की मल्टी-लेवल मार्केटिंग कंपनी की फ्रेंचाइजी ली। उसमें अधिकतर बिहार, झारखंड, एमपी के बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर बुलाया जाता और बाद में उनसे मल्टीलेवल मार्केटिंग कराकर अपना प्रोडक्ट बेचते हुए पिरामिड चेन बनाई जाती है और अवैध रूप से पैसे कमाए जा रहे थे।
सारनाथ थाना प्रभारी पंकज त्रिपाठी ने बताया कि रायल हेल्थ नेचर वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड और स्वास्तिक एसोसिएट्स कंपनी में सदस्यों को जोड़ने का लक्ष्य दिया जाता था। कंपनी की ओर से युवक-युवतियों को आयुर्वेद प्रोडक्ट घर-घर बेचने का दबाव भी बनाया जाता था। 30 हजार जुड़ने का शुल्क भी लिया जाता था। यह गिरोह काफी समय में युवक और युवतियों को आकर्षक नौकरी का झांसा देकर उनसे रजिस्ट्रेशन और अन्य शुल्क के नाम पर रुपये वसूल रहा था।
बिहार के युवक युवतियों को फंसाया
डीसीपी वरुणा प्रमोद कुमार ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क को खंगाला जा रहा है। कंपनी ने बस्ती, कुशीनगर, पटना, भागलपुर, गया के युवक-युवतियों को प्रलोभन देकर जोड़ रखा था। वाराणसी में ही सारनाथ और रोहनिया में सेंटर चिह्नित किए गए। अन्य शहरों में सेंटर के बारे में जानकारी ली जा रही है। बड़े स्तर पर ठगी का गिरोह चल रहा था, जो कि गरीब युवक-युवतियों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें जालसाजी के दलदल में धकेल रहा था।