सिपाही भर्ती परीक्षा 2018 के मेडिकल में अनफिट घोषित अभ्यर्थी को री-मेडिकल टेस्ट में पास कराने का झांसा देकर जालसाज ने 55 हजार रुपये ऐंठ लिए। यही नहीं जालसाज ने खुद को वाराणसी में तैनात सिपाही भी बताया। कैंट थाने की पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने बुधवार को जालसाज को गिरफ्तार कर लिया।
जालसाज की शिनाख्त गाजीपुर के जमनिया थाना के जोगियामार निवासी बृजेश सिंह यादव उर्फ सिपाही के तौर पर हुई है। गाजीपुर के कोतवाली थाना के कांशीराम आवास कॉलोनी निवासी जाकिर हुसैन 11 सितंबर को पुलिस लाइन में सिपाही भर्ती परीक्षा के मेडिकल टेस्ट के लिए आया था। जाकिर के अनुसार वह मेडिकल टेस्ट में अनफिट घोषित हो गया था। वह पुलिस लाइन से निकल कर बाहर जा रहा था। पुलिस लाइन गेट पर उसे बृजेश मिला और खुद को सिपाही बताते हुए कहा कि एक लाख रुपये की व्यवस्था करो तो री-मेडिकल टेस्ट में पास करा दूंगा। बृजेश की बातों में आकर जाकिर ने उसे 12 सितंबर को 55 हजार रुपये दे दिया। री-मेडिकल टेस्ट में भी जाकिर फेल हो गया तो उसने कैंट थाने में ठगे जाने की शिकायत की। एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बताया कि इंस्पेक्टर कैंट राकेश कुमार सिंह और क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी पांडेय की टीम ने बृजेश का पता लगाकर उसे गिरफ्तार कर लिया है।