आनन-फानन में प्रीति को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सोनबरसा पहुंचाया गया, वहां चिकित्सकों ने इलाज किया। आराम मिलने के बाद उसे घर भेज दिया गया। गुरुवार को सुबह में प्रीति की तबीयत फिर बिगड़ गई। इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।
सुरेंद्र ने बताया वे पुत्री की लाश घर न ले जाकर गंगा नदी के हुकुम छपरा घाट पर ही उतर गए और घर पर बेटे निलेश से प्रीति की मौत की सूचना देने को कहा। घाट पर पहुंचे ही थे कि पुलिस पहुंच गई और उन्हें हिरासत में ले लिया।
पिता-पुत्र दिखाते रहे इलाज की पर्ची
किशोरी की लाश के साथ हिरासत में लिए गये पिता-पुत्र उसके इलाज की पर्ची दिखाते रहे, लेकिन पुलिस ने उनकी एक नहीं सुनी। करीब 4 घंटे बाद पहुंची बैरिया पुलिस ने लाश को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।
पुलिस चौकी रामगढ़ के इंचार्ज पंकज सिंह ने बताया कि लड़की की मौत के बारे में सही जानकारी न बताने पर मामला संदिग्ध लगा। इसकी सूचना हल्दी और बैरिया थानाध्यक्ष को दी। उनके निर्देश पर पिता व पुत्र को हिरासत में लेने के साथ लाश को पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया।