घटना के बाद जांच करती पुलिस
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एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि वारदात के खुलासे के लिए एसपी ग्रामीण अमित कुमार और एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद के नेतृत्व में नौ टीम गठित की गई। वादी श्यामजी और ग्रामीणों ने बताया कि लालजी के घर के पीछे वर्मा परिवार का 10 बीघा का फार्म हाउस है और इसकी देखरेख मुन्नीलाल करता था।
किरनचंद ने मुन्नीलाल और अजय को लालच दिया कि अगर वे रास्ते से लालजी को हटा दें तो सड़क किनारे की दो बीघा जमीन उन्हें दे देगा। मैकेनिकल ट्रेड से आईटीआई उत्तीर्ण सोनू ने मिर्जापुर में पत्थर खदान में काम करने वाले दोस्त से तीन डेटोनेटर फ्यूज लिया।
23 अगस्त की आधी रात बाद किरनचंद के फार्म हाउस में उसका ट्रायल किया गया और सब कुछ सही रहने पर पिता-पुत्र ने सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया। एसएसपी ने कहा कि तीनों आरोपियों को सर्विलांस, साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर जेल भेजा जा रहा है। अन्य तीन नामजद की भूमिका की जांच जारी है। साक्ष्य मिलते ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा।