गंगा में हल्दिया से वाराणसी के बीच प्रस्तावित जल परिवहन योजना में फंसा जमीन का पेच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश के बाद भी अब तक नहीं सुलझ पाया है।
पीएम के संसदीय क्षेत्र के रामनगर में निर्माणाधीन मल्टी मॉडल टर्मिनल सहित उससे जुड़े अन्य विकास कार्यों के लिए जरूरी 30 एकड़ जमीन जल्द उपलब्ध न कराई गई तो पूर्वांचल की यह बड़ी योजना अधर में लटक सकती है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के अपने पहले दौरे में ही जिला प्रशासन को निर्देश दिया था कि जमीन अधिग्रहण में आ रहे गतिरोध को जल्द से जल्द दूर कराया जाए लेकिन आईडब्ल्यूएआई (इनलैंड वाटरवेज अथारिटी ऑफ इंडिया) को अब तक एक इंच भी जमीन नहीं मिल सकी है।
जबकि,पहले दौरे में मुख्यमंत्री ने जल परिवहन से जुड़ी योजनाओं पर तकरीबन डेढ़ घंटे बैठक की थी। सीएम के निर्देश पर जिम्मेदार अधिकारियों ने दो-चार दिन में जमीन अधिग्रहण का मसला हल करा लिए जाने का भरोसा दिलाया था लेकिन अब तक ऐसा नहीं हो पाया है।
इतना ही नहीं, दोबारा दौरे पर काशी आए सीएम ने जलपरिवहन योजना के बारे में पूछा तो बता दिया गया कि सब कुछ अच्छा चल रहा है। जबकि सच्चाई यह है कि जमीन अधिग्रहण मामले में अब तक कोई प्रगति नहीं हुई है।
आईडब्ल्यूएआई के अनुसार, मल्टी मॉडल टर्मिनल के अलावा गोदाम और जिउनाथपुर रेलवे स्टेशन के लिए पटरी बिछाई जानी है। जल परिवहन के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जानी हैं।
मामले में आईडब्ल्यूएआई के परियोजना निदेशक प्रवीर पांडेय ने बताया कि जलपरिवहन विकास के लिए जरूरी जमीन के अधिग्रहण में दिक्कत अब तक दूर नहीं हो पाई है। जब तक जमीन नहीं मिलेगी तब तक आगे का काम शुरू नहीं हो पाएगा।