काशी दर्शन को आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और उनकी पत्नी ब्रिगिटी मैक्रों को काशी के शिल्प और हुनर दोनों खासा पसंद आए। यही कारण रहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस की प्रथम महिला को गुलाबीमीनाकारी से तैयार खूबसूरत झुमके भेंट स्वरूप दिए।
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झुमके का आकर्षण बिग्रटी के चेहरे पर खुशी के रूप में चमकी। म्यूजियम में सजीव प्रदर्शन के दौरान लालघाट निवासी गुलाबीमीनाकारी के शिल्पी तरुण कुमार से उन्होंने इसके तैयार करने का तरीका समझाया।
म्यूजियम में लाइव डेमोंस्ट्रेशन में जीआई उत्पादों के स्टॉल लगाए गए थे। जब फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ भारत के प्रधानमंत्री यहां पहुंचे तो पीएम ने सभी कलाकारों को बैठे रहने और अपनी कला का प्रदर्शन करने को कहा। सबसे पहले वह जरी जरदोजी के स्टॉल पर पहुंचे।
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जहां लोहता की अफसाना और तरन्नुम ने उन्हें फ्रांस का एंबलम दिखाया और उसे राष्ट्राध्यक्ष को भेंट किया। अफसाना से श्री मैक्रों ने हाथ भी मिलाया। पीएम मोदी ने दोनों महिला बुनकरों से पूछा कि आप कुछ कहना चाहती हैं पर दोनों महिलाएं संकोच वश कुछ नही कह पाईं।
बाद में वह बगल में लगे मीनाकारी के शिल्पी तरुण कुमार के स्टॉल पर पहुंचे और झुमका उपहार स्वरूप दिया। इसके बाद उन्होंने अभय नारायण वर्मा के स्टॉल पर स्टोन क्रॉफ्ट वर्क से हाथी तैयार होते देखा।
यह ओबामा जी के भी हीरो हैं...
जब पीएम मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति लकड़ी के खिलौनों के स्टॉल पर पहुंचे तो उन्हें हनुमान जी की पंचमुखी प्रतिमा ने खासा आकर्षित किया। पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्राध्यक्ष को काष्ठ कला और प्रभु हनुमान के बारे में विस्तार से बताया।
उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के यह हीरो भी हैं। कश्मिरी गंज, खोजवां के रहने वाले धर्मपाल सिंह ने इसकी जानकारी दी।
रूट डायवर्जन नहीं आया काम, जाम से जूझे लोग
सोलर प्लांट का उद्घाटन
- फोटो : twitter
प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति के आगमन पर शहर में की गई रूट डायवर्जन की व्यवस्था और यातायात संबंधी अन्य इंतजाम ध्वस्त नजर आए। दरअसल, जो रूट वीवीआईपी के आवागमन के लिहाज से आरक्षित थे उन पर यातायात सामान्य रहा।
मगर, वीवीआईपी रूट से सटे आसपास के इलाकों में पुलिस द्वारा ध्यान न दिए जाने के कारण लोग सुबह से शाम तक जाम से जूझते रहे। वहीं, वीवीआईपी का काफिला निर्धारित रूट से जैसे-जैसे आगे बढ़ रहा था पीछे के चौराहे और तिराहे आमजन की जल्दबाजी के कारण जाम की चपेट में आते जा रहे थे।
डीरेका से अस्सी, दशाश्वमेध से बेनिया, लहुराबीर, अंधरापुल, नदेसर, कचहरी व पुलिस लाइन चौराहा और डीरेका से लहरतारा, कैंट, कचहरी, भोजूबीर, गिलट बाजार, हरहुआ होते हुए बाबतपुर मार्ग पर सोमवार को रूट डायवर्जन लागू किया गया था।
प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति का काफिला गुजरने के बाद उक्त मार्गों पर भीषण जाम लगा रहा। वहीं, पुलिस का ध्यान पूरी तरह से प्रधानमंत्री के आयोजन स्थलों और उस ओर जाने वाले मार्ग तक ही रहा इस वजह से चौकाघाट, पांडेयपुर चौराहा, मैदागिन चौराहा, भेलूपुर, कमच्छा, रथयात्रा, सिगरा, मलदहिया, इंग्लिशिया लाइन, अर्दली बाजार सहित शहर के कुछेक अन्य इलाकों में आमजन को जाम से जूझना पड़ा। इस दौरान चौराहों-तिराहों और सड़क के दोनों तरफ खड़े पुलिसकर्मी यातायात प्रबंधन की बजाय मूकदर्शक की भूमिका में नजर आए।
प्रधानमंत्री मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति की सुरक्षा व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों को निर्देश दिया गया था कि ड्यूटी तभी समाप्त होगी तब वीवीआईपी बाबतपुर एयरपोर्ट से रवाना हो जाएं और यातायात व्यवस्था सामान्य हो जाए। मगर, सोमवार की शाम उच्चाधिकारियों के निर्देशों का पालन करते हुए पुलिसकर्मी नहीं दिखे। पीएम मोदी की फ्लीट के आगे बढ़ते ही पुलिसकर्मी निर्धारित ड्यूटी प्वाइंट से इधर-उधर हो गए और जाम लगता चला गया।