वाराणसी में गंगा पुष्कर कुंभ 22 अप्रैल से शुरू होकर तीन मई तक चलेगा। उत्तरवाहिनी गंगा का किनारा फिर से उत्तर और दक्षिण की संस्कृति के मिलन का साक्षी बनेगा। 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा पुष्कर कुंभ को वर्चुअली संबोधित करेंगे।
वाराणसी में गंगा पुष्कर कुंभ का आयोजन 22 अप्रैल से तीन मई तक होगा। काशी तमिल संगमम के बाद दक्षिण के मेहमानों के स्वागत के लिए तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं 29 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गंगा पुष्कर कुंभ को वर्चुअली संबोधित करेंगे।
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नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एनपी सिंह ने बताया कि श्रद्धालुओं की संख्या को देखते हुए शहर को चार जोन में बांटा गया है। सफाई और सुरक्षा की दृष्टि से लगभग चार सौ कर्मचारियों को लगाया गया है। पर्यटन विभाग द्वारा रेलवे स्टेशन मंदिर जाने वाले प्रमुख चौराहों समेत कई जगह हेल्प डेस्क बनाया गया है।
इंग्लिश और तेलुगू भाषा में साइनेज लगाए जाएंगे
पर्यटन विभाग के कर्मचारी के साथ तेलुगू भाषा जानने वाले वालंटियर रहेंगे। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में भी तेलुगू भाषा के वालेंटियर रहेंगे। दिव्यांगजनों और वृद्धों के लिए अतिरिक्त व्हीलचेयर की व्यवस्था रहेगी। घाटों, रास्तों और अन्य स्थानों पर इंग्लिश और तेलुगू भाषा में साइनेज भी लगाए जाएंगे। इससे श्रद्धालुओं को भाषाई दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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घाटों पर चेंजिंग रूम भी बनाए गए हैं। साथ ही गंगा में सुरक्षित स्नान के लिए बैरिकेडिंग की गई है। नाविक भी सुरक्षा उपकरणों से लैस रहेंगे। इसके अलावा रेलवे स्टेशन और पार्किंग स्थलों से सिटी बसों का संचालन भी किया जाएगा।
गंगा पुष्कर कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे मेडिकल टीम को मुस्तैद रहने के लिए निर्देश दिया गया है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए सरकारी स्कूलों, आश्रम, होटलों को चिह्नित किया गया है। साथ ही सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी के जरिए निगरानी भी की व्यवस्था की जाएगी। ये भी पढ़ें: रेखा मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं....मुझे कोरोना हो गया है, घर में सुसाइड नोट छोड़कर युवक लापता