वाराणसी में पीएम मोदीः बीएचयू में बने एमसीएच विंग पहुंचे प्रधानमंत्री
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वाराणसी दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस दौरान उन्होंने बीएचयू में बनकर तैयार 100 बेड के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य विंग (एमसीएच विंग) का भी उद्घाटन किया। जनसभा को संबोधित करने के बाद प्रधानमंत्री मोदी एमसीएच विंग पहुंचे। यहां निरीक्षण के दौरान उन्होंने डॉक्टर्स से मंत्रणा की और मेडिकल उपकरणों के बारे में जानकारी भी हासिल की। साथ ही कोविड की तैयारियों पर जिलाधिकारी, आईएमएस के निदेशक, सीएमओ और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के उपाध्यक्ष द्वारा तैयार प्रेजेंटेशन को भी देखा।
इस दौरान उनके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और राज्यपाल आनंदी बेन पटेल मौजूद रहीं। इससे पहले जनसभा को संबोधत करते हुए भी प्रधानमंत्री ने बीएचयू में बने एमसीएच विंग का जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि बनारस अब पूर्वांचल का मेडिकल हब बन रहा है।
बता दें कि बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीएचयू में 100 बेड के एमसीएच विंग, 100 बेड के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान और दीनदयाल अस्पताल में 50 बेड के एमसीएच विंग का उद्घाटन किया। बीएचयू मुख्य द्वार के पास 29.63 करोड़ की लागत से बना क्षेत्रीय नेत्र संस्थान भी आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
यहां मॉडयूलर ओटी, ग्लूकोमा क्लीनिक, स्पेशल क्लीनिक बनाया गया है। 100 बेड पर यहां मरीज भर्ती भी किए जाएंगे। इसके बन जाने से न केवल वाराणसी बल्कि पूर्वांचल के अन्य जिलों यहां तक कि बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश तक के मरीजों को इसका लाभ मिलेगा। 2018 में इसकी आधारशिला भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ही रखी थी, अब वहीं इसका उदघाटन भी उन्होंने ही किया।
कोरोना की तीसरी लहर से पहले मिली सौगात, इलाज में होगी सहूलियत
बीएचयू में बनकर तैयार 100 बेड का एमसीएच विंग
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कोरोना की संभावित तीसरी लहर से पहले काशी को स्वास्थ्य सुविधाओं की बड़ी सौगात मिली। बीएचयू में 100 बेड और दीनदयाल अस्पताल में 50 बेड के एमसीएच विंग का उद्घाटन के बाद अब एक ही छत के नीचे गर्भवती महिलाओं, नवजात बच्चों की ओपीडी, भर्ती, जांच, इलाज की सुविधा रहेगी। इसके अलावा दूर दराज से आने वाले नेत्र रोग के मरीजों को भी बेहतर सुविधा मिलेगी। कोरोना की दूसरी लहर में जिस तरह से बीएचयू अस्पताल समेत अन्य अस्पतालों में बेड, जांच, इलाज के लिए मारामारी लोगों को करनी पड़ी, उसे देख तीसरी लहर की तैयारी तेज हो गई है।
तीसरी लहर में बच्चों में संक्रमण की संभावना भी विशेषज्ञ जता रहे हैं, ऐसे में अगर बच्चे संक्रमित हुए तो उनके इलाज में कोई असुविधा नहीं होगी। बीएचयू में एमएस ऑफिस के बगल में 45.50 करोड़ की लागत से बने एमसीएच विंग में बच्चों के लिए ओपीडी, भर्ती के लिए वार्ड के साथ ही पीआईसीयू, एनआईसीयू भी बना है। इसे ऑक्सीजन पाइप लाइन से भी जोड़ा गया है। इसके अलावा दीनदयाल अस्पताल में भी 17.30 करोड़ की लागत से 50 बेड का एमसीएच विंग बना है।