करीब पांच घंटे तक चली बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों ने अपने प्रांतों में कराए गए विकास कार्यों का प्रस्तुतीकरण दिया। इसके साथ ही काशी के विकास पर आधारित छह मिनट का वीडियो भी दिखाया गया, जिसमें बताया गया कि सात वर्षो में यह देश का नंबर-1 शहर बन गया है। इसके बाद सात मिनट का वीडियो उत्तर प्रदेश के विकास पर दिखाया गया, इसमें एयरपोर्र्ट, एक्सप्रेस वे, मेडिकल कालेज, पुल, सड़कें सहित अन्य क्षेत्रों में किए गए अभूतपूर्व कामों का जिक्र किया गया था।
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योजनाओं के लाभ पर किया गया मंथन
बैठक में सरकार की विभिन्न योजनाओं पर चर्चा भी हुई। योजनाओं का लाभ लोगों तक कैसे और कितना मिल रहा इस पर मंथन किया गया। राज्यों के साथ केंद्र के तालमेल के साथ ही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के विविध पक्षों पर चर्चा हुई है। कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पूरी तरह से जनता तक पहुंचाने की रणनीति को और बेहतर करने की कवायद चली। कोरोना संकट के कारण यह बैठक गत वर्ष नहीं हो पायी थी।
इस अहम बैठक में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, त्रिपुरा से बिप्लब देब, हरियाणा से मनोहरलाल खट्टर, हिमाचल से जयराम ठाकुर, कर्नाटक से बसवराज बोम्मई, असम के हेमंत विश्वा शर्मा, गुजरात के भूपेंद्र भाई पटेल, अरुणाचल के पेमा खांडू, उत्तराखंड के पुष्कर सिंह धामी, मणिपुर के एन विशेन सिंह शामिल रहे। उपमुख्यमंत्रियों में बिहार से तारकेश्वर प्रसाद व रेनू देवी, उत्तर प्रदेश से केशव प्रसाद मौर्य व दिनेश चंद्र शर्मा, नागालैंड से यथंगोपट्टन, त्रिपुरा जिष्णुदेव शर्मा, अरुणाचल से चोनामीन हैं।
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