पीएम मोदी ने 11.26 पर अपना भाषण शुरू किया। नम: पार्वती पतये हर-हर महादेव से पीएम मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत की। कहा कि सावन के पावन महीने में आज हमके काशी के हमरे परिवार के लोगन से मिले के अवसर मिलल हाै। हम काशी के हर परिवारजन के प्रणाम करत हई।
मेरे प्यारे किसान भाइयों को विशेष रूप से प्रणाम करता हूं। काशी के जनता जनार्दन तो मेरे विशेष मालिक हैं। आज हम काशी से देशभर के लाखों किसानों से जुड़े रहे हैं। सावन का महीना हो, काशी जैसा पवित्र स्थान हो और देश के किसानों से जुड़ने का अवसर, सबसे बड़ा साैभाग्य होता है। आज मैं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार काशी आया हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जब 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमला हुआ था, उसमें 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी। उनके परिवार की पीड़ा, उन बच्चों का दुख, उन बेटियों की वेदना, मेरा हृदय बहुत तकलीफ से भर गया। तब मैं बाबा विश्वनाथ से यही कामना रहा था कि सभी पीड़ित परिवारों को यह दुख सहने की हिम्मत दे।
पीएम ने कहा कि मैंने अपनी बेटियों के सिंदूर का बदला लेने का जो वचन दिया था, वो भी पूरा हुआ। ये महादेव के आशीर्वाद से पूरा हुआ है। साथियों, इन दिनों जब काशी में गंगा जल लेकर जाते हुए शिवभक्तों की तस्वीरें देखने का अवसर मिल रहा है। काफी सुकून महसूस कर रहा हूं।
सावन माह में हमारे यादव बंधुओं ने बाबा का जलाभिषेक किया। गाैरी केदारेश्वर से कंधे पर गंगाजल लेकर यादव बंधुओं का समूह जब निकलता है तो यह दृश्य कितना मनोरम होता है। पूरी शरीर में कोलाहल भर जाता है। मैंने यह दृश्य देखा, जो अलग और अदभुत भाव पैदा कर रहा था। मेरी भी बहुत इच्छा थी कि सावन के पवित्र महीने में बाबा विश्वनाथ और मार्कंडेय धाम का दर्शन करूं, लेकिन मेरे वहां जाने से महादेव के भक्तों को असुविधा होगी। इसलिए मैं आज यहीं से भोलेनाथ और मां गंगा को प्रणाम कर रहा हूं। हम सेवापुरी के मंच से बाबा मार्कंडेय के भी प्रणाम करत हई।