प्रधानमंत्री ने लोगों से किया संवाद।
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आज जिस प्रकार उत्तर प्रदेश में जिस प्रकार से एक के बाद एक योजनाएं लागू हो रही हैं, उससे उत्तर प्रदेश की, यहां की सरकार की और यहां के सरकारी कर्मचारियों की छवि पूरी तरह बदल रही है। हर घर जल पहुंचाने के अभियान को अब एक साल से भी ज्यादा समय हो गया है। इस दौरान देश में 2 करोड़ 60 लाख से ज्यादा परिवारों को उनके घरों में नल से शुद्ध पीने का पानी पहुंचाने का इंतजाम किया गया है। इसमें लाखों परिवार उत्तर प्रदेश के भी हैं।
जल जीवन मिशन के तहत घर-घर पाइप से पानी पहुंचने की वजह से हमारी माताओं-बहनों का जीवन आसान हो रहा है। इसका एक बड़ा लाभ गरीब परिवारों के स्वास्थ्य को भी हुआ है। इससे गंदे पानी से होने वाली अनेक बीमारियों में भी कमी आ रही है।
सरकार एक साथी की तरह, एक सहायक की तरह आपके साथ है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत गरीबों के जो पक्के घर बन रहे हैं, उसमें भी ये ही सोच प्रदर्शित हो रही है। किस क्षेत्र में कैसा घर होगा, पहले की तरह अब ये दिल्ली में तय नहीं होती।
जब अपने गांव के विकास के लिए, खुद फैसले लेने की स्वतंत्रता मिलती है, उन फैसलों पर काम होता है, तो उससे गांव के हर व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ता है। आत्मनिर्भर गांव, आत्मनिर्भर भारत के अभियान को बल मिलता है। जब विंध्यांचल के हजारों गांवों में पाइप से पानी पहुंचेगा, तो इससे भी इस क्षेत्र के मासूम बच्चों का स्वास्थ्य सुधरेगा, उनका शारीरिक और मानसिक विकास और बेहतर होगा।
देश के बाकी गांवों की तरह इस क्षेत्र में भी बिजली की बहुत बड़ी समस्या थी। आज ये क्षेत्र सौर ऊर्जा के क्षेत्र में दुनिया में अग्रणी बनता जा रहा है। भारत का अहम केंद्र है। मिर्जापुर का सौर ऊर्जा प्लांट यहां विकास का नया अध्याय लिख रहा है।
आज सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास ये मंत्र देश के हर हिस्से में देश के हर नागरिक के विश्वास का मंत्र बन गया है। आज देश के हर जन, हर क्षेत्र को लग रहा है कि उस तक सरकार पहुंच रही है और वो भी देश के विकास में भागीदार है।
आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत वन उपज आधारित उद्योग आदिवासी क्षेत्रों में लगें, उसके लिए भी जरूरी सुविधाएं तैयार की जा रही हैं। आदिवासी क्षेत्रों के विकास के लिए पैसों की कमी न हो, इसके लिए डिस्ट्रिक्ट मिनरल फंड बनाया गया है।
3200 करोड़ से ज्यादा की लागत
पटवध परियोजना से 661 राजस्व गांवों तक पाइप लाइन के जरिये जलापूर्ति की जाएगी। यहां 6 लाख 89 हजार 252 लोगों को पानी मिलेगा। योजना के तहत प्रतिदिन 55 लीटर प्रति व्यक्ति पानी की व्यवस्था की जानी है। जिले के 1389 राजस्व गांवों तक पाइप लाइन के जरिए जलापूर्ति के लिए 3212.18 करोड़ रुपये की लागत वाली 14 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है।