वाराणसी। प्रदेश के 46 हजार जूनियर हाईस्कूलों में शारीरिक शिक्षकों की स्थायी नियुक्ति की मांग लेकर सोमवार को बीपीएड डिग्रीधारी अभ्यर्थियों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रवींद्रपुरी स्थित जनसंपर्क कार्यालय पर नंगे बदन और नंगे पांव प्रदर्शन किया।
तीन घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के चलते रवींद्रपुरी इलाके में अफरातफरी का माहौल रहा। प्रशिक्षित बीपीएड संघर्ष मोर्चा के लोगों ने चेताया कि यदि 15 दिन के अंदर उनकी मांगाें पर प्रधानमंत्री ने गौर नहीं किया और इस मामले का निबटारा नहीं हुआ तो आंदोलनकारी दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन को बाध्य होंगे। जनसंपर्क कार्यालय से लिखित आश्वासन मिलने के बाद आक्रोशित बीपीएड डिग्रीधारी वहां से हटे।
इससे पहले भारत माता मंदिर परिसर में हुई सभा में मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष धीरेंद्र यादव ने कहा कि अपनी इसी मांग को लेकर बीते 22 सितंबर को हम लोगों ने पीएम के जनसंपर्क कार्यालय को ज्ञापन सौंपा था।
कार्यालय से हमें 15 दिन के अंदर कार्रवाई का आश्वासन दिया गया था। मगर छह महीने बीत गये और कुछ भी नहीं हुआ। कहा कि इस बार हमने फिर 15 दिन का समय दिया है। यदि इस बार हमारी मांग को नजरअंदाज किया गया तो मोर्चा से जुड़े बीपीएड डिग्रीधारी जंतर-मंतर पर आमरण अनशन करेंगे।
मालूम हो कि भारत माता मंदिर (सिगरा) से पैदल मार्च करते हुए आंदोलनकारी रवींद्रपुरी पहुंचे और पीएम के जनसंपर्क कार्यालय के प्रभारी को मांग पत्र सौंप 15 दिन के अंदर कार्रवाई का लिखित आश्वासन लिया।
पैदल मार्च और धरना-प्रदर्शन में सुनील यादव, बृजेंद्र सिंह, संदीप चौबे, अभिषेक सिंह, देवेंद्र सिंह, पंकज सैनी, आशीष, रविप्रकाश, अभिषेक, श्रीराम, चंदन, गौरव, अशोक, आलोक, अनिल,बनवारी, रतन, नंदेश, मोहम्मद इमरान एवं महेंद्र कन्नौजिया आदि शामिल थे।