किए यह काम :
पीएम मोदी ने विकलांग और शौचालय के वर्षों से प्रचलित नामों को नया नाम प्रधानमंत्री ने अपने संसदीय क्षेत्र में ही दिया। डीरेका में एक ही दिन में करीब 10 हजार विकलांगों को उपकरण वितरित करने के मौके पर प्रधानमंत्री ने उन्हें दिव्यांगजन का नाम दिया। इसी तरह शाहंशाहपुर गांव की मुसहर बस्ती में उन्होंने शौचालय की पिट रखते हुए इसे इज्जत घर का नाम दिया था। डीरेका से उन्होंने गैर उपयोगी वस्तुओं को उपयोगी बताते हुए ‘कबाड़ से जुगाड़’ प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया था।
वाराणसी में पीएम मोदी ने 12 नवंबर, 2018 को वाराणसी से कोलकाता तक गंगा में वाणिज्यिक जल परिवहन की शुरूआत की। इसके साथ ही वाराणसी नभ और थल के साथ जल परिवहन से भी जुड़ गया। वहीं, 7 नवंबर, 2014 को अपने संसदीय क्षेत्र में आने वाले सेवापुरी क्षेत्र के गांव जयापुर को सीएसआर के जरिए विकास कार्य कराने के लिए गोद लेकर सांसद आदर्श ग्राम योजना शुरू की। इसी क्रम में काशी विश्वनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं दिलाने के लिए 2500 वर्ग मीटर में कॉरिडोर की योजना शुरू कराई। इसे सोमनाथ मंदिर के जीर्णोद्धार जैसा माना जा रहा है।
बीएचयू से जुड़े ट्रॉमा सेंटर के अलावा सर सुंदरलाल अस्पताल में एम्स जैसी सभी सुविधाएं मुहैया कराईं। कैंसर पीड़ितों के इलाज और शोध के लिए महामना के नाम पर कॉप्लेक्स बनवाया। डीरेका की खत्म हो रही पहचान को नई दिशा दी। कर्मचारियों को डीजल इंजन के दौर से निकाल कर इसका इस्तेमाल इलेक्ट्रानिक इंजन और डुअल मोड के इंजन बनाने में किया जाने लगा है। इन्हीं कामों के बदौलत पीएम मोदी को काशी ने फिर एक बार अपनाया है।