फ्रांस के राष्ट्रपति के साथ वाराणसी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूर्वांचल को पहली जनशताब्दी एक्सप्रेस की सौगात दी। यह जनशताब्दी एक्सप्रेस वाराणसी से पटना के बीच चलेगी। अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त इस ट्रेन को पीएम मोदी ने मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से रवाना किया।
पहले इस ट्रेन का नाम वाराणसी-पटना महामना एक्सप्रेस रखा गया था। सोमवार को इस ट्रेन का नाम वाराणसी पटना जनशताब्दी एक्सप्रेस कर दिया गया।
इस अवसर पर स्टेशन और ट्रेन को सजाया गया। स्टेशन परिसर में हर ओर छाई रौनक देखने लायक थी। कार्यक्रम के दौरान रेल राज्य मंत्री मनोज सिन्हा, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष अश्विनी लोहानी, महाप्रबंधक सहित कई रेल अधिकारी भी मौजूद रहे।
इस ट्रेन के चलने से वाराणसी पटना की दूरी कम हो जाएगी। वाराणसी पटना के बीच यह दूसरी ट्रेन है। वाराणसी से चलने वाली अपने तरह की इस पहली महामना एक्सप्रेस में 10 चेयर कार (नॉन एसी) है। एक वातानुकूलित बोगी है।
अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त जनशताब्दी एक्सप्रेस
- फोटो : अमर उजाला
अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त जनशताब्दी एक्सप्रेस ट्रेन में एसी चेयर कार का 370 रुपये, नॉन एसी चेयर कार का 100 रुपये और जनरल का 85 रुपये किराया होगा।एक डिब्बे में 109 लोगों के बैठने की सुविधा है। चेयर कार की बुकिंग होगी। ट्रेन में दो जनरल के डिब्बे हैं।
साथ ही दिव्यांगजनों के बैठने की व्यवस्था ट्रेन में की गई है। एलईडी लाइट, चार्जिंग की सुविधा, डिजिटल डिस्प्ले, चार्टिंग की व्यवस्था, उन्नत वॉश बेसिन और शौचालय आदि से ट्रेन सुसज्जित है।
मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर लगभग शाम 4:15 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महामना ट्रेन को हरी झंडी दिखाएंगे। इसके लिए मुख्य प्रवेश द्वार को बंद रखा जाएगा और वीआईपी लाउंज के पास से यात्रियों को प्रवेश दिया जाएगा। इसी प्रकार उसी तरफ का फुट ओवर ब्रिज ही यात्री प्रयोग कर सकेंगे। वाशिंग लाइन से ट्रेन को पूरी चेकिंग के बाद प्लेटफार्म पर लाया जाएगा।