काशी विश्वनाथ मंदिर कॉरिडोर के लिए जारी ध्वस्तीकरण प्रोजेक्ट अब संरक्षण कार्यक्रम में बदल रहा है। ध्वस्तीकरण के दौरान बड़ी संख्या में मिल रहे प्राचीन मंदिरों और शिवलिंग की वजह से यह बदलाव किया जा रहा है। मंदिर प्रशासन की ओर से कुछ नामों का प्रस्ताव पीएमओ को भेजा जाएगा।
नाम का फैसला पीएमओ से ही होगा। काशी विश्वनाथ मंदिर के सीईओ विशाल सिंह ने कहा कि यह प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट है। इसे नया नाम दिया जाएगा। इसके लिए पीएमओ को कुछ नाम प्रस्तावित भी किए जाएंगे। मंदिर प्रशासन का कहना है कि धरोहर शब्द सिर्फ पुरानी चीज का बोध कराता है, यहां जो मंदिर विग्रह मिल रहे हैं वह सनातन संस्कृति का हिस्सा है।
जिस कार्य को हमने ध्वस्तीकरण के लिए शुरू किया था अब वह इन प्राचीन मंदिरों और विग्रहों के संरक्षण कार्य में बदल गया है। इसलिए इसका नाम सनातन संरक्षण कार्यक्रम या आनंद कानन संरक्षण कार्यक्रम करने का प्रस्ताव पीएमओ को भेजा जाएगा।