प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपना 68वां जन्मदिन मनाने सोमवार शाम अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे। नरउर गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों में शिक्षा की गुणवत्ता परखी। प्राथमिक विद्यालय नरउर में संवाद के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्राथमिक विद्यालय मोहनसराय की बेबी कुमारी के सवाल पर बताया कि उन्हें बचपन में गणित से डर लगता था।
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दूसरा सवाल नैंसी ने पूछा, मोदी अंकल, क्या आप बचपन में शैतानी करते थे? इस पर उन्होंने माना कि वह बचपन में थोड़ी शरारत किया करते थे। कुछ ऐसे ही सवाल जवाब प्रधानमंत्री और प्राथमिक विद्यालय के बच्चों के साथ हुए। रूम टू रीड में पीएम मोदी ने बच्चों से रूम टू रीड के बारे में जब पूछा तो विनीता ने बताया कि जो कहानियां हम दादी नानी से सुना करते थे, वहीं कहानियां हमें यहां की लाइब्रेरी में पढ़ने को मिलती हैं। हमारी पढ़ने की क्षमता विकसित होती है। इस पर पीएम मोदी ने बच्चों से कहा कि किताबें पढ़ने से जहां आपकी जमीन मजबूत होती है, वहीं लिखने की आदत से आपके विचारों को धार मिलती है।
पूर्व माध्यमिक विद्यालय ककरहिया के धीरज मौर्या ने पूछा, आप जब छात्र थे तो कितनी देर पढ़ाई करते थे? पीएम जवाब दिया वह लाइब्रेरी में जाकर वहां की सबसे मोटी किताब लाते थे। उसे एक ही दिन में पूरा पढ़ जाते थे और अगले दिन उसे वापस कर देते थे। एक दिन लाइब्रेरियन ने तो मुझसे पूछ लिया कि तुम किताब पढ़ते भी हो कि सिर्फ ले जाते हो और वापस कर देते हो।
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विनीता ने पूछा कि मोदी अंकल, आप कहां से किताबें लाकर पढ़ते थे, इस पर उन्होंने जवाब दिया लाइब्रेरी से। पीएम ने छात्रा शिवानी से पूछा कि मैडम (टीचर) से बार-बार सवाल पूछने पर वह डांटती तो नहीं हैं। इस पर शिवानी से नहीं में जवाब दिया। बाद में शिवानी से कहानी सुनाने को बोला तो उसने चतुर चूहा और बुद्धू बंदर की कहानी सुनाई।
संवाद के दौरान न पीएम मोदी ने बच्चों से उनकी इच्छा, उनके लक्ष्य भी पूछे। कस्तूरबा विद्यालय की कक्षा आठ की छात्रा रिमझिम से उन्होंने पूछा कि बड़े होकर क्या बनना चाहती हो? रिमझिम का जवाब था- आईपीएस ऑफिसर। कक्षा आठ की नेहा ने भी आईपीएस ऑफिसर बनने की इच्छा जताई। वहीं मोनी ने पीएम मोदी को बताया कि वह बड़ी होकर डांसर बनना चाहती हैं। प्रधानमंत्री ने इन बच्चों को अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए ढेर सारी मेहनत करने को कहा।
बच्चों की परीक्षा के दौरान मौजूद शिक्षकों के छूट रहे थे पसीने
पीएम ने नरउर प्राथमिक विद्यालय में जांची शिक्षा की गुणवत्ता
- फोटो : amar ujala
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को नरउर गांव के प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों में शिक्षा की गुणवत्ता परखी। जन्मदिन पर स्कूली बच्चों के बीच पहुंचे पीएम ने उनके सुनने समझने का तरीका, वर्णमाला ज्ञान, शब्द भंडार, धारा प्रवाह और लेखन शैली सबको जांच लिया।
बच्चों द्वारा दिए गए ग्रीटिंग्स को उन्होंने ध्यान से देखा। बच्चों ने ग्रीटिंग्स पर अपने फोटो के साथ कमेंट भी लिखे थे। वास्तव में बच्चों ने यह सब लिखा है या फिर उनके अधिकारियों ने लिखकर बच्चों को थमाया है, जानने के लिए पीएम मोदी ने कुछ बच्चों को दूसरा सादा ग्रीटिंग्स देकर लिखवा कर देखना चाहा। बच्चों ने इसे उसी तरह लिख दिया, जैसा पहले लिखे थे। इसके बाद पीएम ने बच्चों से कहा, किताब पढ़ना आता है?
जवाब में हां कहते हुए बच्चे किताब पढ़ने लगे। इस पर पीएम ने पता लगाया कि वास्तव में बच्चे पढ़ पा रहे हैं? उन्होंने बच्चों को दूसरी पुस्तक दी और उसे पढ़ने के लिए कहा। बच्चों ने उस पुस्तक को भी पढ़कर सुना दिया। इस पर पीएम ने बच्चों को शाबाशी दी। कहा, खूब मन लगाकर पढ़ो आगे बढ़ो।
उधर, जिस समय पीएम मोदी बच्चों का आईक्यू लेवल जांच रहे थे, वहां मौजूद शिक्षकों के पसीने छूट रहे थे। पीएम मोदी के स्कूल में आने के दो घंटे पहले से कार्यक्रम खत्म होने के एक घंटे बाद तक भीड़ गांव में डटी रही।
पीएम मोदी ने पेन दी, छात्र ने लिखा ‘माननीय प्रधानमंत्री’
बच्चों के साथ संवाद करते पीएम
- फोटो : amar ujala
रूम टू रीड का अवलोकन करते वक्त वहां ढेर सारे ग्रीटिंग कार्ड लगे हुए थे। प्रधानमंत्री के लिए बच्चों ने ढेर सारी शुभकामनाएं लिखीं थीं। इसे देख प्रधानमंत्री गदगद तो हुए ही साथ ही बच्चों की रचनात्मकता देखकर आश्चर्यचकित भी हुए। उन्होंने एक कार्ड की ओर इशारा कर पूछा कि ये किसने बनाया है। कक्षा पांच के छात्र ने बताया कि ये उसने बनाया है। संदेश भी उसने ही लिखे हैं। इस पर पीएम मोदी ने अपनी पेन निकाल कर उसे दी और कहा कि इसे लिखो। गौरव ने पूरे उत्साह के साथ लिखा ‘माननीय प्रधानमंत्री’।
स्काउट-गाइड्स ने की पीएम की अगवानी
पूर्व माध्यमिक विद्यालय सगहट की गाइड्स की पांच छात्राओं ने प्राथमिक विद्यालय नरउर में पीएम मोदी की अगवानी की। पीएम से हाथ मिलाया। इन लड़कियों ने प्रधानमंत्री से अपने गांव में भी आने का निमंत्रण दिया। गाइड लीडर संजना ने बताया कि उसे प्रधानमंत्री से हाथ मिला कर बहुत खुशी हुई।
इस गाइड टीम में संजना, अंजलि, चिंतामणि, वैष्णवी, अर्चना शामिल थी। इसी दौरान प्राथमिक विद्यालय नागेपुर की छात्रा संजना मौर्या ने प्रधानमंत्री को नागेपुर आने का न्योता दिया। कहा, आपने नागेपुर को गोद लिया है। इसलिए प्लीज एक बार आप हमारे गांव भी आइए।
...और चंदन को मोदी ने कहा, गुड ब्वॉय
- फोटो : amar ujala
संवाद में सबसे आगे की पंक्ति में प्राथमिक विद्यालय नरउर के कक्षा पांच के छात्र चंदन विश्वकर्मा थे। ट्राई साइकिल पर चंदन को देख प्रधानमंत्री ने उससे उनका नाम पूछा। चंदन ने न सिर्फ प्रधानमंत्री को अपना नाम बताया बल्कि फर्राटे से कहानी भी सुना डाली। इस पर पीएम ने चंदन को गुड ब्वॉय कहा, जिसे सुन चंदन का मन बल्लियों नाच उठा। एक दिन पहले चंदन बीमार पड़ गया था लेकिन पीएम से मिलने की उत्सुकता इतनी थी कि बीमार होने के बाद भी घरवालों से जिद कर विद्यालय पहुंचा।
नरउर गांव की छतों से देखा गया कार्यक्रम
नरउर गांव में प्रधानमंत्री को देखने के लिए लोग दूरदराज छतों पर खड़े थे। पीएम के कार्यक्रम में केवल स्कूली बच्चों और व्यवस्था में लगे लोग ही कार्यक्रम स्थल पर थे। बाकी किसी को कार्यक्रम स्थल के आस पास जाने की इजाजत नहीं दी।
कक्षा पांच में पढ़ने वाला राहुल अपनी माता कमला के साथ स्कूल से जब घर लौटा तो उसने और कमला ने अपने पति राधेश्याम को वहां की पूरी बात बताई। कमला ने पति से कहा कि एतना पुलिस एतना पुलिस रहल की पूछा मत। जइसे टीबिया पर देखालन मोदी जी, वइसही रहलन। ओनके नजदीक से देखली त जीवन धन्य हो गइल। मोदी के जइते सब पुलिस वाले चल गइलन।
बाणासुर मंदिर में हुई विशेष पूजा अर्चना
नरउर प्राथमिक पाठशाला के नजदीक स्थित बाणासुर मंदिर में सोमवार को विशेष पूजा-अर्चना की गई। मंदिर के पुजारी मिथिलेश मिश्र ने बताया कि पीएम मोदी के जन्मदिन पर बाबा का विशेष शृंगार और विशेष पूजा-अर्चना की गई। पीएम मोदी के आने के पहले बाणासुर गेट पर ग्रामीणों की भीड़ रही।