मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को प्रधानमंत्री की ओर से लोकार्पित और शिलान्यास की गई 2413 करोड़ रुपये की परियोजनाओं को काशीवासियों के लिए दीपावली और छठ पर्व का उपहार बताया। कहा, छठ पर्व की पूर्व संध्या पर प्रधानमंत्री के इस उपहार से पूर्वी उत्तर प्रदेश के विकास की दिशा बदल जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि काशी हमारे लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक नगरी है। पहली बार काशी में जल परिवाहन की सुविधा काशीवासियों और प्रदेशवासियों को प्राप्त हुआ है। देश के पहले मल्टी माडल टर्मिनल का लोकार्पण पीएम मोदी ने किया है। इससे पर्यटन के साथ-साथ व्यापार की अपार संभावनाओं के द्वार खुलेंगे।
कहा, गंगा की निर्मलता और अविरलता के लिए जिस युद्ध स्तर पर चार वर्षों में कार्य हुआ है, यह अभिनंदनीय है। यह सब कुछ प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हुआ है। चार साल से देश में विकास और सुशासन की आधारशिला रखी गई है।
आज से चार वर्ष पहले काशी की गलियों और सड़कों और गंगा मां की स्थिति किसी से छिपी नहीं है। अब बाबतपुर एयरपोर्ट से काशी आएंगे तो फोरलेन का बेहतरीन मार्ग और रिंग रोड मिलेगा। आईपीडीएस से शहर को नंगे और झूलते तारों से मुक्ति मिल गई है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने कहा कि जिस प्रकार नाटक, उपन्यास या कथाकार इंट्रो प्वाइंट (आमुख) जैसा होता है, मन में वैसी ही धारणा बनती है। बाबतपुर एयरपोर्ट से देश-दुनिया के लोग आते हैं। अब बनारस का इंट्रो प्वाइंट फोरलेन और रिंग रोड काशी का इंट्रो प्वाइंट है। इससे लगता है हम जापान, अमेरिका और बंगलूरू पहुंच गए हैं। अब पर्यटक आएंगे तो उन्हें इस मार्ग से आने में सुखद अनुभूति होगी।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि काशी सहित पूरे दुनिया के गौरव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह 15 वां दौरा है। उन्होंने संवेदनशीलता संसदीय क्षेत्र के साथ प्रदेश के साथ दिखाई गई। मोदी जी यह आपकी काशी है। काशी में एक कहावत है कि काशी करवट लेती हे। काशी जब करवट लेती है तो देश का इतिहास बनता है। 2019 में आपकी अगुवाई में देश करवट लेगा। 2019 में आपकी सरकार फिर आएगी। आपके नेतृत्व में एक बार फिर से देश का इतिहास बनेगा।
कहा, इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लाल बहादुर शास्त्री ने विकास किया था। उनके बाद यदि काशी का बेहतर विकास किया तो यहां के सांसद नरेंद्र मोदी ने करके मिसाल कायम कर दी है।
गंगा में जल परिवहन के लिए तैयार देश के पहले मल्टी मॉडल टर्मिनल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को राष्ट्र को समर्पित किया। इसी के साथ गंगा में वाराणसी से हल्दिया के बीच जल परिवहन शुरू हो गया और दक्षिण एशियाई देशों से काशी जलमार्ग से सीधे जुड़ गया।
टर्मिनल की जेटी पर हलीकॉप्टर से उतरे पीएम ने सर्वप्रथम टर्मिनल का लोकार्पण किया। इसके बाद जल परिवहन की योजनाओं की जानकारी हासिल कीं और इसको विकसित करने के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान उन्होंने कोलकाता से रवींद्र नाथ टैगोर जलपोत से आए पेप्सिको के 16 कंटेनर प्राप्त किए। लोकार्पण के इस अवसर के उद्यमी और व्यापारी भी बने। 12 अगस्त, 2016 को इसका शिलान्यास किया गया था। दो साल तीन महीने में इसे तैयार किया गया है।
3:17 बजे प्रधानमंत्री का हेलीकॉप्टर नवनिर्मित जेटी पर उतरा। वहां से हैंगर में बने विशेष कक्ष में गए, जहां उन्हें टर्मिनल का मॉडल दिखाया गया। साथ ही देश में जल परिवहन के विकास योजनाओं, इससे होने वाले लाभ, भावी योजनाओं की जानकारी दी गई। इसके बाद मंच पर आईडब्लूएआई के चेयरमैन प्रवीर पांडेय ने उनका स्वागत किया। यहां उन्हें जल मार्ग के विकास पर बनी शॉर्ट फिल्म भी दिखाई गई। फिर रिमोट दबाकर प्रधानमंत्री ने टर्मिनल का लोकार्पण किया। तत्पश्चात पीएम जेटी पर बने मंच से रिमोट दबाकर मोबाइल हार्बर क्रेन को स्टार्ट किया।
क्रेन से जलपोत पर लोड 16 कंटेनर में से एक को उठाकर जेटी पर रखा गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सांकेतिक तौर पर हरी झंडी दिखा कर कंटेनर प्राप्त करने का इशारा किया। इसके बाद वह लगभग चार बजे हेलीकॉप्टर से ही बाबतपुर रवाना हो गए। पीएम मोदी 40 मिनट से ज्यादा देर तक यहां रहे। उनके साथ केंद्र जल परिवहन मंत्री नितिन गडकरी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय भी मौजूद रहे।