बीएचयू में मंगलवार को एंफीथिएटर मैदान में वैसे तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सड़क से लेकर गंगा सफाई आदि विकास कार्यों की उपलब्धियां गिनाई लेकिन बीएचयू में मिलने वाली सुविधाओं को गिनाकर उन्होंने बीएचयू को तवज्जो दिया। बात चाहे वैदिक विज्ञान केंद्र, नेत्र संस्थान का हो या फिर आईएमएस और एम्स के बीच एमओयू की हो। मोदी ने बारी-बारी से इन उपलब्धियों के बारे में यह बताने की कोशिश की सरकार लोगों की सेहत को कितना फिक्रमंद है।
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मंच पर चढ़ने के बाद मोदी ने पहले महामना पंडित मदन मोहन मालवीय को प्रणाम किया, उसके बाद कुलगीत होने तक वह खड़े रहे। मंच पर अपने संबोधन के दौरान उन्होंने बीएचयू की स्थापना के पीछे महामना की सोच और उसको साकार करते हुए सौ साल का सफर पूरा करने पर सभी को बधाई दी। लोगों की सेहत को लेकर सरकार की योजनाओं पर मोदी ने यह भी कहा कि न केवल बनारस बल्कि आसपास के जिलों के साथ ही मध्यप्रदेश, बिहार, झारखंड आदि जगहों से काशी आने वाले हजारों मरीजों को भी अब बेहतर स्वास्थ्य के लिए भटकने की जरूरत नहीं है।
एक ओर जहां दीनदयाल अस्पताल परिसर के निकट ईएसआई का हाईटेक सुविधाओं वाला अस्पताल बन रहा है तो बीएचयू आईएमएस का अब एम्स के साथ एमओयू होने के बाद सुविधाएं बढ़ेंगी। इसके अलावा कैंसर संस्थान, सुपर स्पेशियलिटी सेंटर की सौगात भी नए साल से मिलने लगेगी। इन सबके बहाने मोदी ने सबके सेहत के प्रति सरकार की योजनाओं को गिनाया।
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बीएचयू के मंच से पीएम ने राजनीति से रखी दूरी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीएचयू में आयोजित जनसभा में राजनीति से दूरी बनाए रखी। अपने 44 मिनट के भाषण में पीएम ने केवल अपने चार साल के काम काज की बात की। महामना के चित्र पर माल्यार्पण और कुल गीत के बाद पीएम ने अपने पूरे भाषण को काशी के विकास और चार साल पहले के हालत पर ही केंद्रित रखा।
सोशल मीडिया पर छाया रहा कुलपति को मंच पर स्थान न मिलना
बीएचयू में पीएम मोदी
- फोटो : अमर उजाला
बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम के दौरान कुलपति को तवज्जो न देने को लेकर बीएचयू के ही कुछ छात्रों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई। फेसबुक और व्हाटस् ऐप पर छात्रों ने इस पर अलग-अलग पोस्ट डालने के साथ कमेंट भी किया है।
फेसबुक पर अपने पोस्ट को लेकर छात्रों ने लिखा है कि मंच पर प्रधानमंत्री के साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय बैठे रहे जबकि कुलपति को मंच पर जगह नहीं दी गई, इससे बड़ा बीएचयू का अपमान और क्या हो सकता है। अपने कमेंट के माध्यम से इसे राजनीतिक कार्यक्रम भी बताया है।
इसमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से बीएचयू के संस्थापक दीनदयाल का नाम लेने और फिर सुधार लेने का भी जिक्र है। उधर, व्हाटस् ऐप पर इस पर टिप्पणी करते हुए छात्रों ने कुलपति को मंच न देने का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसा लग रहा था कि जैसे आयोजन स्थल को भाड़े के रूप में दिया गया हो। मोदी ने बीएचयू के छात्रों के लिए कुछ नहीं कहा, बस वोट मांगने के लिए योजनाओं की घोषणा की।
बुर्का, काला दुपट्टा और काली टोपी उतरवाया गया!
जनसभा में उमड़ी भीड़
- फोटो : amar ujala
बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान में प्रधानमंत्री की सभा में शामिल होेने जा रही कुछ महिलाओं ने पुलिस द्वारा जबरन बुर्का उतरवाने का आरोप लगाया। इस दौरान कुछ महिलाओं ने काले रंग का दुपट्टा उतार कर रखवाने का भी आरोप लगाया। वहीं, कुछ पुरुषों ने काली टोपी उतरवाने और काले रंग का पैंट पहने रहने पर सभास्थल में न जाने देने का आरोप लगाया। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने ऐसे आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सुरक्षा के मद्देनजर सिर्फ तलाशी ली जा रही थी।
पीएम मोदी को काले झंडे दिखाने को तैयार छात्र पकड़े गए
- फोटो : amar ujala
बीएचयू में छात्रसंघ चुनाव कराने, चीफ प्रॉक्टर को हटाने और अन्य अनियमितताओं की जांच कराने की मांग लेकर मंगलवार को बिड़ला ए व सी और रुइया हॉस्टल के 13 छात्र प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सभा में उन्हें काला झंडा दिखाने की तैयारी में थे। सभी ने सभास्थल में प्रवेश करने के लिए पास का भी इंतजाम कर लिया था। हालांकि, इससे पहले ही छात्रों की गतिविधियों की भनक क्राइम ब्रांच को लग गई और सभी को पकड़ लिया गया। सभा खत्म होने के बाद सभी छात्रों को समझाबुझाकर छोड़ दिया गया।
बीएचयू के एंफीथिएटर मैदान में काला झंडा दिखाकर विरोध प्रदर्शन की तैयारियों में जुटे बिड़ला और रुइया हॉस्टल के छात्रोें को क्राइम ब्रांच प्रभारी विक्रम सिंह ने सर्विलांस की मदद से चिह्नित किया। सोमवार शाम से ही सभी की धरपकड़ का प्रयास क्राइम ब्रांच ने शुरू किया। मंगलवार को प्रधानमंत्री की सभा शुरू होने से कुछ घंटे पहले चिह्नित छात्रों को पकड़ लिया गया और उनसे पूछताछ की गई।
छात्र प्रधानमंत्री को देने के लिए अपनी मांगों से संबंधित एक पत्रक लिए हुए थे जिसे क्राइम ब्रांच ने जब्त कर लिया। इस संबंध में एसपी क्राइम ज्ञानेंद्र नाथ प्रसाद ने बताया कि सभी छात्र हैं और समझाने पर मान गए थे। इस वजह से किसी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई। सभी का नाम, पता और मोबाइल नंबर लेकर भविष्य में ऐसी गतिविधियों में संलिप्त न रहने की चेतावनी देते हुए छोड़ दिया गया।