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पीएम ने सिर-माथे लगाई शॉल, मुस्लिम बहुल मदनपुरा हो गया निहाल 

Mon, 06 Mar 2017 03:19 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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शॉल को अपने सिर पर रखे पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला
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करीब चार दशक बाद मदनपुरा की सड़कों पर कोई प्रधानमंत्री आने वाला था। सड़क से लेकर छतों, बारजों तक भीड़ बेशुमार थी और उतनी ही कयासें भी। मुस्लिमों की बस्ती, बुनकरों का ताना-बाना, पीएम नरेंद्र मोदी की हिंदुत्ववादी छवि। सवाल कई थे। जितने मुंह उतनी बात। लेकिन, जैसे ही मोदी का काफिला मदनपुरा पहुंचा, सारे सवाल मानो खुद ही हवा हो गए।
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यहां बुनकर बावनी के तंजीम ने मोदी को गुलदस्ता और शॉल भेंट किया। जब उनकी यह भेंट पीएम मोदी ने सिर-माथे लगाई तो लोगों के दिल खिल उठे। बुनकर बहुल मदनपुरा निहाल हो उठा। दोपहर करीब पौने एक बजे सोनारपुरा होते हुए प्रधानमंत्री का रोड शो मदनपुरा पहुंचा।

सफेद लकदम कुर्ता पायजामा और टोपी से पटी भीड़ के बीच खुली सफारी पर पीएम मोदी हाथ हिलाकर सबका अभिवादन करते आगे बढ़ रहे थे। कहीं उन पर पुष्पवर्षा हो रही थी तो कहीं मोदी-मोदी के नारे लग रहे थे। पीएम के इस्तकबाल के लिए बुनकर बहुल इलाके में जबरदस्त हुजूम था।
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बुनकर बिरादराना तंजीम बावनी की ओर से बाकायदा उनके स्वागत के लिए मंच लगाया गया था। मंच पर सरदार मुख्तार महतो खुद गुलाब के फूलों का गुलदस्ता और शॉल लेकर खड़े थे। हालांकि पीएम का काफिला मंच के आगे बढ़ गया लेकिन तभी पीएम की नजर पड़ी।

उन्होंने गाड़ी रोकने का इशारा किया। फिर सरदार की ओर मुखातिब हुए। सरदार ने पूरी आत्मीयता के साथ उन्हें गुलदस्ता और शॉल भेंट किया। कश्मीरी शॉल पर बुनकरी की बारीक कारीगरी वाली इस शॉल को पीएम ने सिर-माथे लगाया तो हर बुनकर का दिल खिल उठा।

 
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नेहरू, इंदिरा के बाद मदनपुरा में मोदी 

काशी विश्वनाथ मंदिर से दर्शन कर कालभैरव जाते पीएम मोदी - फोटो : अमर उजाला
फिर काफिला अपने अंदाज में मंजिल की तरफ बढ़ गया लेकिन तब तक पीएम से इस बुनकर बहुल इलाके के रिश्ते का रंग गहरा हो चुका था। कयास-आशंकाओं के बंधन खत्म हो गए थे। पीएम के अंदाज की ही चर्चाओं में मदनपुरा बंध सा गया था।

नरेंद्र मोदी तीसरे प्रधानमंत्री हैं, जिनका रोड शो करीब चालीस साल बाद मदनपुरा में हुआ। इसके पहले मदनपुरा से पहले प्रधानमंत्री रहे पंडित जवाहर लाल नेहरू का काफिला गुजरा था। उस वक्त भी वही जोश और जुनून यहां के लोगों में देखने को मिला था।

हाजी मुख्तार महतो बताते हैं कि 1974 में प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भी मदनपुरा में रोड शो किया था। आज तकरीबन चार दशक बाद किसी प्रधानमंत्री ने इधर का रुख किया। मुसलमानों में इसे लेकर खासा उत्साह रहा।


मदनपुरा में प्रधानमंत्री के इस्तकबाल में यहां शहनाई की धुन भी गूंजी। उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के भांजे बिरजीस कदर खां की शहनाई पर ‘सारे जहां से अच्छा हिंदुस्तां हमारा...’ की धुन बजी तो माहौल देशभक्ति के रंग में रंग गया।  
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