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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान का उनके संसदीय क्षेत्र ने बढ़ाया मान

Fri, 05 May 2017 12:01 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 में काशी से ही स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया था। - फोटो : अमर उजाला
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काशीवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी। अपनी काशी सूबे का सबसे साफ-सुथरा शहर बन गई है। देश के पांच सौ शहरों के बीच कराए गए स्वच्छता सर्वे में काशी प्रदेश में नंबर वन और देश में 32वें पायदान पर पहुंच गई है। गुरुवार को केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने स्वच्छता सर्वे की यह रिपोर्ट जारी की।
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पिछले साल के सर्वे में प्रदेश में पहले स्थान पर रहने वाले इलाहाबाद, लखनऊ, अलीगढ़ जैसे शहरों को पछाड़ते हुए काशी ने यह बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
शहरी विकास मंत्रालय के निर्देशन में क्वालिटी कंट्रोल ऑफ इंडिया की टीम ने तीन से पांच फरवरी के बीच वाराणसी में सर्वे किया था। स्वच्छता के विभिन्न बिंदुओं पर सर्वे के तय मानक के अनुसार कुल 2000 अंक निर्धारित थे।

वाराणसी ने कुल 1515 अंक हासिल करते हुए देश में 32वां और प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया है। वर्ष 2014 में पहली बार कराए गए स्वच्छता सर्वे में बनारस 418वें, दूसरी बार वर्ष 2015 में 69वें पायदान पर था। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2014 में काशी से ही स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया था।
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इस साल शहर की सफाई व्यवस्था के लिए नगर निगम को केंद्र और सीएसआर के तहत 30 करोड़ से अधिक धनराशि मिली थी।

स्वच्छता रैंकिंग में बेहतरीन प्रदर्शन पर महापौर राम गोपाल मोहले और नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही को दिल्ली में केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय वेंकैया नायडू ने सम्मानित किया।
 

... तो टॉप-20 में होती काशी

वाल पेंटिंग के माध्यम से नागरिकों को किया जा रहा जागरूक - फोटो : अमर उजाला
स्वच्छता सर्वे में सूबे में नंबर वन आने वाली काशी के हिस्से एक और बड़ी उपलब्धि आते-आते रह गई। देश के सबसे साफ-सुथरे टॉप-20 शहरों की सूची में जगह बना पाने में महज दो सौ नंबर कम पड़ गए। हालांकि नगर निगम की जो तैयारी थी, उससे अधिकारी और कर्मचारी आश्वस्त थे कि काशी को टॉप-20 में जगह मिल जाएगी लेकिन ऐसा नहीं हो पाया। 


स्वच्छता से जुड़े अधिकारियों का मानना है कि दो बिंदुओं पर कमी रह गई थी। तीन हजार से अधिक शौचालय बनवाए गए लेकिन शहर के सभी वार्डों को खुले में शौचमुक्त नहीं कराया जा सका। इसके अलावा, सिटीजन फीडबैक में भी कमी रह गई।

इन दोनों बिंदुओं पर सौ-सौ अंक निर्धारित थे। एक और दिक्कत यह हुई कि कूड़ा निस्तारण की व्यवस्था पहले से बदहाल थी। उसे दुरुस्त करने और कूड़ा कलेक्शन जैसी सुविधाओं के लिए नए सिरे से मशक्कत करनी पड़ गई।

ऐसे में तैयारियों में कुछ कमियां रह गईं। अब कोशिश होगी कि अगले वर्ष के स्वच्छता सर्वे में न सिर्फ सूबे में अपनी पोजीशन कायम रखी जाए बल्कि टॉप-20 के टारगेट को हासिल किया जाए। 
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एक नजर स्वच्छता सर्वे की रिपोर्ट पर

swachh bharat mission - फोटो : ANI
वर्ष 2014 में 500 शहरों में कराए गए सर्वे में काशी 418वें स्थान पर
वर्ष 2015 में 100 शहरों में हुए सर्वे में काशी 69वें स्थान पर 
वर्ष 2017 में 500 शहरों में हुए सर्वे में काशी 32वें पायदान पर


स्वच्छता के लिए चलाई गई मुहिम
90 वार्डों में डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू
600 मीट्रिक टन का करसड़ा कूड़ा प्लांट चालू
500 डस्टबीन शहर में जगह-जगह बांटे गए
84 गंगा घाटों पर विशेष सफाई मुहिम चलाई गई
126 यूरिनल विभिन्न स्थानों पर बनाए गए
3000 निजी टॉयलेट का निर्माण कराया गया
96 सार्वजनिक टॉयलेट जायका के तहत बनवाए गए

ये भी हुए प्रयास
भवनिया पोखरी भेलूपुर में वेस्ट एनर्जी प्लांट का संचालन
जागरूकता के लिए तीन मोबाइल वैन चलाई गई, बनाए गए सफाई दूत 
स्वच्छता जागरूकता के लिए काशी गान की हुई शुरुआत
शहरभर में जगह-जगह सफाई जागरूकता के लिए वाल पेंटिंग कराई गई
नगर निगम और मीडिया के बीच क्रिकेट मैत्री मैच का आयोजन
नगर निगम के अलावा प्रशासन, पुलिस एवं अन्य शिक्षण संस्थानों, निजी संस्थाओं का समग्र प्रयास
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