पुरुषों और महिलाओं ने दिखाया उत्साह।
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स्मार्ट सिंचाई: भीषण गर्मी (मार्च-जून) में पौधों की प्यास बुझाने के लिए सप्ताह में तीन बार 45 मिनट की विशेष सिंचाई का शेड्यूल तय किया गया है।
विविधता: इस वन में बाँस, कचनार, महुआ, और हरसिंगार जैसे कुल 27 प्रकार के देशी पेड़ शामिल हैं।
आर्थिक लाभ: परियोजना के तीसरे वर्ष आम, अमरूद, पपीता, अनार जैसे फलदार पेड़ो और अश्वगंधा, शतावरी, गिलोय और एलोवेरा जैसे औषधीय पौधों तथा गुलाब, चमेली और पारिजात (हरसिंगार) के फूलों से राजस्व मिलना शुरू हो जाएगा। ऐसे में तीसरे वर्ष निगम को दो करोड़ रुपये मिलेगा। वहीं, पांचवें वर्ष पांच करोड़, छठे वर्ष छह करोड़ तथा सातवें वर्ष तक सात करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान है। सिंचाई के लिए यहां पांच बोरवेल स्थापित किए गए हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि भीषण गर्मी (मार्च-जून) के दौरान भी पौधों को सप्ताह में 3 बार उचित नमी मिलती रहे।