ठोस कचरा निस्तारण के लिए करसड़ा में लगा कूड़ा प्लांट आखिरकार शुक्रवार को भी चालू नहीं हो पाया। यह तब है जब हाईकोर्ट भी इसे 15 जुलाई तक हर हाल में चालू करने का आदेश दे चुका था। दो महीने से केंद्र और प्रदेश सरकार के आला अधिकारी इसे चालू कराने के लिए लगातार नगर निगम के अधिकारियों के संपर्क में थे। इतना सबके बाद भी प्लांट चालू न करा पाने को लेकर अब नगर निगम खुद सवालों के घेरे में है।
करसड़ा कूड़ा प्लांट को चालू करने की जिम्मेदारी एनटीपीसी को दी गई है। मशीनों को दुरुस्त करने के साथ ही उसकी टेस्टिंग भी हो चुकी है। शहर में रोजाना तकरीबन 600 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है। विभागीय सूत्रों की मानें तो एनटीपीसी और नगर निगम के बीच समन्वयक और तालमेल न बनने से तय समय पर प्लांट चालू नहीं हो पाया। पहले यह था कि प्लांट एनटीपीसी ही चलाएगी। बाद में तय हुआ कि संचालन ऑपरेटर के जरिये कराया जाएगा।
आठ जुलाई को टेंडर के जरिये कुशल आपरेटरों को आमंत्रित किया गया लेकिन कोई नहीं आया। अब नगर आयुक्त श्रीहरि प्रताप शाही का कहना है कि शुक्रवार को फिर कंपनी ने टेंडर के जरिए आपरेटरों को आमंत्रित किया है। बता दें, प्लांट को चालू कराने के लिए केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के संयुक्त सचिव प्रवीण प्रकाश खुद करसड़ा गए थे और जून के अंत तक उसेचालू करने का निर्देश दिया था। सूबे के आला अधिकारियों के अलावा मंडलायुक्त नितिन रतेश गोकर्ण और जिलाधिकारी विजय किरन आनंद भी नगर निगम और एनटीपीसी के अधिकारियों को 15 जुलाई तक हर हाल में प्लांट चालू करा देने की ताकीद की थी।