सॉल्वर गैंग के मास्टरमाइंड एक लाख इनामी प्रेम कुमार उर्फ पीके और पटना सचिवालय के लिपिक रितेश कुमार को शुक्रवार को जेल भेज दिया गया। कमिश्नरेट पुलिस ने पीके को रिमांड पर लेने के लिए न्यायालय में अर्जी दी है। अब तक की पूछताछ में नीलेश कुमार उर्फ पीके और बहनोई रितेश ने कमिश्नरेट पुलिस के समक्ष कई राज उगले हैं।
पटना और त्रिपुरा के कई सफेदपोश और शिक्षण संस्थाओं के संचालकों के संपर्क में रहने वाले पीके के मोबाइल को कब्जे में लेकर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक पीके से पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस ने गैंग में शामिल और भी लोगों के गिरेहबान तक पहुंचने की कोशिश शुरू कर दी है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले सैकड़ों छात्र-छात्राओं और कोचिंग के शिक्षकों से पीके जुड़ा है।
पटना में रहने वाले एक बड़े नेता का भी नाम पीके ने लिया है, हालांकि पुलिस पुख्ता जानकारी जुटाकर ही अन्य आरोपियों पर हाथ डालने की तैयारी कर रही है। पीके के बहनोई पटना सचिवालय के लिपिक रितेश ने भी कई बड़े अफसरों का नाम लिया है। वहीं सारनाथ थाने में दर्ज धोखाधड़ी के मुकदमे में वांछित पांच अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं। इसमें लखनऊ कैसरबाग निवासी डॉ. अफरोज और त्रिपुरा के रहने वाले मृत्युंजय देवनाथ पर पुलिस ने 20-20 हजार का इनाम भी घोषित किया है।
फरार आरोपियों में आशुतोष, दिव्य ज्योति और हामिद रजा शामिल हैं। हालांकि पुलिस अब पीके और रितेश से पूछताछ के आधार पर गैंग में शामिल अन्य पर मुकदमा दर्ज करने वाली है। इसमें पटना और त्रिपुरा के रहने वाले गिरफ्तार किए जा सकते हैं। बृहस्पतिवार शाम सारनाथ पुलिस और क्राइम ब्रांच ने रिंग रोड फ्लाईओवर के पास से पीके और उसके बहनोई रितेश को गिरफ्तार किया था।
पीके के आगे-पीछे दौड़ते थे सफेदपोश
अब तक की तफ्तीश में यही सामने आया कि पिछले पांच-छह साल से पीके उर्फ नीलेश कुमार गैंग बनाकर मेडिकल और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में साल्वर बैठाकर जालसाजी कर रहा है। 30 से 50 लाख रुपये लेकर प्रति अभ्यर्थी को मेडिकल कालेज में दाखिला दिलाता था। यही वजह रहा कि उसके आगे पीछे बड़े-बड़े सफेदपोश, दवा कारोबारी, चिकित्सक और शिक्षण संस्थाओं के संचालक दौड़ते रहते थे। खुद को चिकित्सक बताते हुए उसने सभी को यह विश्वास दिलाया था कि मेडिकल कालेज में प्रवेश दिलाना चुटकियों का खेल है। छह साल में पीके ने करोड़ों की दौलत कमाई।
ओसामा शाहिद की गर्लफ्रेंड भी रडार पर
जिला जेल चौकाघाट में बंद केजीएमयू के फाइनल ईयर के छात्र डॉ. ओसामा शाहिद की गर्लफ्रेंड को भी पुलिस ने रडार पर रखा है। पुलिस को भनक लगी है कि उसकी गर्लफ्रेंड भी गैंग के बारे में सब कुछ जानती थी। हालांकि इस बारे में पुलिस अभी कोई पुष्टि नहीं कर रही है।