केंद्रीय मंत्री ने कहा कि छह वर्षों के बाद भारत ने तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम को तैयार कर लिया है। पीएम ने सरकार में भी स्टार्टअप की सोच को विकसित किया। इसका सबसे बड़ा उदाहरण एलईडी बल्ब को कम कीमत में लोगों तक पहुंचाकर देश में ऊर्जा बचत करने की पहल की। पिछले कुछ वर्षों में एलईडी का इस्तेमाल घर-घर में हो रहा है। इस दौरान एडिशनल सेक्रेटरी अरविंद कुमार, ज्वाइंट सेक्रेटरी श्रुति सिंह, इनक्यूबेशन सेंटर के इंचार्ज प्रोफेसर पीवी राजीव समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
केन्द्रीय वाणिज्य एवं उद्योग एवं वस्त्र मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार को हथकरघा, हस्त शिल्पकारों और वस्त्र उद्योग के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। उन्होंने कहा कि विश्व बाजार की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने के लिए उच्च गुणवत्ता वाले उत्पादों को तैयार किया जाए। बुनकरों को अधिक लाभ पहुंचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में उत्पादों की बेहतर कीमतों के लिए डिजाइन, गुणवत्ता, पैकेजिंग और विपणन के आधुनिकीकरण के लिए सक्रिय पहल की जरूरत है।
केंद्रीय मंत्री ने हस्तकला संकुल के प्रचार-प्रसार के लिए कहा कि वाराणसी आने वाले पर्यटकों के बीच इस सेंटर के बारे में संदेश जरूर जाना चाहिए, ताकि यहां आकर खरीदारी कर सके। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कपड़ा उद्योग में गुणवत्ता में और सुधार के लिए काम किए जाने की जरूरत है।
बुनकरों और शिल्पकारों को अधिक से अधिक लाभ मिले, इसके लिए मार्केटिंग चैन को भी छोटा किए जाने की जरूरत है। स्वदेशी उत्पादों के विकास के लिए अगर हम यह सोचे कि किसी भी ट्रिप पर जाएं तो लोकल खरीद पर कुल खर्च का पांच फीसदी खर्च करें। इससे पहले उन्होंने ट्रेड फेलिसिटेशन सेंटर का भी मुआयना किया।
सारनाथ में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल
- फोटो : अमर उजाला
तथागत के प्रथम धर्म उपदेश स्थली सारनाथ पहुंचे केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शुक्रवार शाम सात बजे लाइट एंड साउंड शो देखा। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि महात्मा बुद्ध के उपदेश आज भी प्रासंगिक है। उनके उपदेश को आत्मसात करने से बड़ी से बड़ी समस्या का निदान हो सकता है। भगवान बुद्ध के जीवन वृतांत पर आधारित लाइट एंड साउंड शो देखने के बाद केंद्रीय मंत्री प्रफुल्लित नजर आए। इस दौरान मंत्रियों का स्वागत फेरी पटरी ठेला व्यवसायियों ने लकड़ी से निर्मित अशोक स्तंभ देकर किया।