ट्रेनी पायलट कोनार्क सरण, क्रैश हुआ एयरक्राफ्ट।
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आजमगढ़ में सुबह 10.30 बजे से ही मौसम खराब होना शुरू हो गया था। तेज हवाओं के साथ ही बारिश हो रही थी। साथ ही बिजली भी कड़क रही थी। इस दौरान लगभग सवा 11 बजे सरायमीर थाना क्षेत्र के कोलपुर कुसहां और मंजीरपट्टी के बीच सीवान में तेज धमाके के साथ कुछ गिरने की आवाज आई। इसके बाद लोग मौके की ओर दौड़ पड़े। खराब मौसम में एक विमान क्रैश हुआ था।
सूचना के बाद सरायमीर थाने के साथ ही आसपास के थानों की पुलिस मौके पर पहुंच गई। विमान हादसे की सूचना क्षेत्र में आग की तरह फैलने मौके पर सैकड़ों की संख्या में भीड़ इकट्ठा हो गई। विमान कोलपुर कुसहां में धान और ईंख के खेतों के बीच गिरा था। बारिश के कारण रास्तों पर कीचड़ और खेतों में पानी होने से मौके पर पहुंचने में काफी परेशानी हुई।
गांव के पास पायलट का शव मिला। इससे तीन सौ मीटर दूर हरेंद्र, महेंद्र और राजेंद्र के खेत में विमान का मलबा मिला। पुलिस ने भीड़ को किसी तरीके से नियंत्रित किया और शव को निकलवाया। पुलिस ने वाराणसी एयरपोर्ट से संपर्क किया तो पता चला कि विमान रायबरेली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से सुबह नौ बजे उड़ा था।
11 बजे तक वाराणसी हवाई अड्डे की रडार में था, इसके बाद संपर्क कट गया था। रायबरेली के इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी से जानकारी ली गई तो पता चला कि ये ट्रेनिंग के लिए प्रयोग किए जाने वाला टू-सीटर चार्टर्ड एयरक्राफ्ट है। इससे कोणार्क शरन(25) ने सुबह 9 बजकर 20 मिनट पर उड़न भरी थी।
बिखरा पड़ा एयरक्राफ्ट का मलबा।
एसपी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि यह एक ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट था। रायबरेली के फुर्सतगंज से उड़ा था, उसने मऊ के लिए उड़ान भरी थी। यहां से वापस होना था। खराब मौसम में संर्पक टूटने से क्रैश हो गया। ट्रेनिंग पायलट ने एयरक्राफ्ट में अकेले उड़ान भरी थी। शव को मोर्चरी के लिए भेज दिया गया है। एकेडमी को सूचना दे दी गई है। वहां से टीम आ रही है।
21 साल के थे ट्रेनी पायलट कोणार्क शरन :
अमेठी जिले के फुरसतगंज स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी (IGRUA) से आज सुबह लगभग 10:20 बजे ट्रेनी पायलट कोणार्क शरन ने TV-20 विमान से सोलो प्रशिक्षण के लिए उड़ान भरी थी। लगभग 11 बजकर 20 मिनट पर उनका यह विमान क्रैश हो गया।
IGRUA के मीडिया प्रभारी राम किशोर द्विवेदी ने बताया कि ट्रेनी पायलट कोणार्क शरन की मौत हो गई। ट्रेनी पायलट 21 वर्ष के थे और संस्थान में प्रशिक्षण के 125 घंटे पूरे कर चुके थे। कोणार्क शरन पलवल (हरियाणा) के रहने वाले थे। कोणार्क शरन के पिता एयर इंडिया में कार्यरत थे, जो अब रिटायर हो गए हैं। तीन बहनों में कोणार्क इकलौते भाई थे।