गाजीपुर में गंगा नदी पर बने हमीद सेतु के मरम्मत कार्य के दौरान दूसरे दिन रविवार को कार्य में लगे कर्मचारियों में उस समय अफरातफरी मच गई, जब पिलर का बेस अचानक क्रेक होने के चलते स्पैन आवाज के साथ बैठ गया।
आनन-फानन में कर्मचारी सेतु के अंदर से भाग खड़े हुए। संयोग अच्छा था कि बड़ा हादसा होते-होते बच गया। इस दौरान करीब डेढ़ घंटे तक बाइकों के साथ ही पैदल आवागमन को भी प्रतिबंधित कर दिया, जिससे लोग परेशान रहे।
बीते सोमवार की सुबह करीब चार बजे पुल के पिलर संख्या छह और सात के मध्य ज्वाइंटर नंबर-14 की रोलर बेयरिंग खिसकने के चलते सेतु में दरार पड़ गई। इसकी जानकारी होते ही मौके पर पहुंचे डीएम के बालाजी ने किसी दुर्घटना की आशंका के मद्देनजर सेतु पर छोटे और बड़े चार पहिया वाहनों के संचालन पर रोक लगा दिया था। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई।
शनिवार से सेतु मरम्मत का कार्य प्रारंभ किया गया है। दूसरे दिन रविवार को भी कई इंजीनियर कर्मचारियों के साथ मरम्मत कार्य में लगे थे। पुल में पड़ी दरार एवं रोलर बेयरिंग को ठीक करने का काम हाईड्रोलिक प्रेशर जैक मशीन से किया जा रहा था।
इसी बीच दिन में करीब 11 बजे पिलर का बेस अचानक क्रेक होने के चलते स्पैन आवाज के साथ बैठ गया। इससे इंजीनियरों और कर्मचारियों में अफरातफरी मच गई। वह आनन-फानन में किसी तरह से अंदर से निकलकर बाहर भागे।
किसी हादसे से बचने के लिए दो पहिया सहित पैदल आवागमन को भी पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया। इससे बाइक और पैदल आवागमन करने वालों की भी परेशानी बढ़ गई। करीब डेड़ घंटे बाद पैदल और बाइकों का आवागमन सुचारु होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।
इस संबंध में इंजीनियर प्रभात मिश्रा ने बताया कि बेस अचानक क्रेक होने के चलते स्पैन आवाज के साथ बैठ गया। आनन-फानन में कर्मचारियों ने सेतु के अंदर से भागकर अपनी जान बचाई। संयोग अच्छा था कि बड़ा हादसा होते-होते बच गया।
बेस क्रेक न होता तो मंगलवार तक शुरू हो जाता आवागमन
अवागमन बंद होने से सेतु पर लगी लोगों की भीड़
- फोटो : amar ujala
हमीद सेतु की बेयरिंग खिसकने से सोमवार से छोटे और बड़े चार पहिया वाहनों का संचालन बंद है। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार से मरम्मत कार्य प्रारंभ होने से लोगों में इस बात से खुशी की लहर दौड़ गई थी जल्द ही सेतु पर बड़े वाहनों का आवागमन प्रारंभ हो जाएगा, लेकिन बेस क्रेक होने से कार्य में मरम्मत कार्य में अवरोध उत्पन्न हो गया। इंजीनियर प्रभात मिश्रा ने बताया कि यदि बेस क्रेक नहीं होता तो मंगलवार की देर शाम तक आवागमन सुचारु होने की उम्मीद थी, लेकिन अब शायद शुक्रवार तक कार्य पूरा हो।
उधर, हमीद सेतु के मरम्मत कार्य के दौरान दूसरे दिन रविवार को कार्य में लगे कर्मचारियों में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब पिलर का बेस अचानक क्रेक होने के चलते स्पैन आवाज के साथ बैठ गया। किसी दुर्घटना की आशंका के मद्देनजर इंजीनियरों ने सेतु पर बाइकों के साथ ही पैदल आवागमन पर प्रतिबंध लगा दिया। कुछ ही देर में सेतु के दोनों तरफ सैकड़ों बाइक सवारों और पैदल आवागमन करने वालों की भीड़ लग गई। सेतु की तरफ से मरम्मत कार्य में लगे कर्मचारी-अधिकारियों के साथ ही अन्य कोई खड़े लोगों के पास जैसे ही पहुंच रहा था, खड़े लोग उससे यह पूछने में जुट जा रहे थे कि क्या हुआ, कब तक आवागमन सुचारु होगा। डेढ़ घंटे बाद आवागमन सुचारु होने पर लोगों ने राहत की सांस ली।