गरमी के इस मौसम में बाहर घूमने या फिर रेस्टोरेंट में खाना खाने जा रहे हैं तो अपनी जेब देखकर जाइए। केंद्र सरकार ने सरकार ने आम आदमी से जुड़ी अधिकतर सेवाओं पर एक जून से सर्विस टैक्स बढ़ा दिया है। इससे पहले 31 मई की आधी रात से पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतें बढ़ गई हैं। यानी जून महीने की शुरुआत से ही आम लोग 'जुल्म के जाल' में फंस गए हैं। उनका कहना है कि 'दो जून की रोटी' को भी सरकार ने महंगा कर दिया है।
कृषि कल्याण सेस के रूप में आधा प्रतिशत बढ़ोतरी से सर्विस टैक्स की नई दरों के हिसाब से एसी रेस्टोरेंट में खाना खाना, पोस्टपेड मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने और हवाई व रेल यात्रा की बुकिंग भी महंगी हो गई हैं। वही मूवी देखना, ब्यूटी पार्लर जाना, मोबाइल, डीटीएच ओर दूसरे यूटिलिटी बिल और घूमना फिरना और शादी के लिए कैटरिंग, वेडिंग प्लानर, बैंक्वेट, होटल वगैरह बुक कराने के लिए भी अब अधिक कीमत चुकानी होगी। यही नहीं, नए प्रावधान के अनुसार बैंकिंग सेवाएं भी आपकी जेब को हल्का कर सकती हैं।
बता दें कि बीमा, विज्ञापन, ड्राई क्लीनिंग, हेल्थ क्लब, आउटडोर कैटरिंग, पैकजिंग आदि जैसी करीब 177 तरह की सेवाओं पर सर्विस टैक्स वसूला जाता है। खास बात यह है कि कर योग्य मूल सेवाओं में हजारों की संख्या में इनकी सह सेवाएं भी है और इन पर सर्विस टैक्स भी वसूला जाता है। राहत की बात यह है कि ऐसी सेवाएं जिन पर सर्विस टैक्स नहीं वसूला जाता, उन पर इस सेस का कोई असर नही होगा।
चार्टर्ड एकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया की स्थानीय इकाई के पूर्व अध्यक्ष मनोज कुमार अग्रवाल बताते हैं कि केंद्र सरकार ने आम आदमी पर एक साल सर्विस टैक्स में 2.64 फीसदी की वृद्धि का बोझ लाद दिया है। पिछले साल यह 12.36 फीसदी था, जो अब बढ़कर 15 फीसदी हो गया है। इस तरह साल भर में 20 प्रतिशत से ज्यादा सर्विस टैक्स में बढ़ोतरी हुई। 2015 के बजट में 12.36 से 14 प्रतिशत किया। नवंबर में 0.50 प्रतिशत स्वच्छ भारत सेस लगाया। अब 0.50 प्रतिशत कृषि कल्याण सेस लगाया है। आने वाले दिनों में सर्विस टैक्स18 प्रतिशत तक होने की संभावना है।
कृषि कल्याण सेस का सीधा असर पोस्ट पेड मोबाइल उपभोक्ताओं पर ज्यादा होगा, जिन्होंने मोबाइल की सेवाएं तो मई माह में ली लेकिन उन्हें भुगतान जून माह में करना है। नई व्यवस्था के अनुसार अनपेड बिलों के भुगतान पर भी कृषि कल्याण सेस की देयता होगी।
क जून से एसबीआई के साथ ही दूसरे बड़े सरकारी और निजी बैंक अपने सर्विस चार्ज बढ़ाने जा रहे हैं। ऐसे में अब बैंक में कैश जमा करने, बैंक लॉकर यूज करने, फंड ट्रांसफर करने और एटीएम से पैसे निकालने पर भी लोगों को अतिरिक्त खर्च करना होगा।
होटल में खाने-पीने पर सर्विस टैक्स का क्या असर पड़ेगा। इसे यों समझें। अगर आप 100 रुपये प्लेट की दाल मखनी खरीदते हैं तो आपको 14.5 प्रतिशत वैट के साथ ही छह प्रतिशत सर्विस टैक्स देना होगा। मतलब आपकी दाल 120 रुपये की पड़ेगी।
वाराणसी एलपीजी वितरक संघ के प्रवक्ता मनीष चौबे के मुताबिक जून में घरेलू गैस सिलेंडर (14.2 किलो) का नया रेट 608.50 रुपये होगा। इस पर उपभोक्ता के खाते में सब्सिडी के रूप में 187.82 रुपये ट्रांसफर होंगे। पांच किलो का सिलेंडर 222.50 रुपये में आएगा। इस पर सब्सिडी 66 रुपये मिलेगी। 19 किलो का कामर्शियल सिलेंडर 1178.50 रुपये में तो वहीं पांच किलो का सिलेंडर 327 रुपये में लिया जा सकेगा। उधर, 31 मई की आधी रात से पेट्रोल 66.20 रुपये से 2.03 रुपये बढ़कर 68.23 रुपये हो गया है तो डीजल 53.66 रुपये से 1.90 रुपये बढ़कर 55.56 रुपये हो गया है।