छात्रों ने ज्ञापन की कॉपी आईएमएस निदेशक के साथ ही कुलपति, संकाय प्रमुख, छात्र अधिष्ठाता, चीफ प्रॉक्टर, कोर्स कोआर्डिनेटर को देकर जल्द कार्रवाई की मांग की है। छात्रों ने बताया कि पूर्व में धरना देने के बाद निदेशक के स्तर से लिखित आश्वासन दिया गया था लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
फिजियोथेरेपी के छात्रों ने शाम को निदेशक के कार्यालय से बाहर आने पर उनसे बातचीत की। छात्र तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे थे, वहीं निदेशक उन्हें मोबाइल में उपस्थिति का रिकॉर्ड दिखा रहे थे और क्लास की जानकारी दे रहे थे। निदेशक भी मोबाइल से छात्रों की रिकार्डिंग कर रहे थे। छात्रों के गेट पर खड़े होने की वजह से उन्हें अपनी गाड़ी तक जाने में मशक्कत करनी पड़ी। छात्रों ने भी रिकार्डिंग की। निदेशक ने छात्रों से यहां तक कह डाला कि शाम पांच बजे के बाद मैं डायरेक्टर नहीं हूं। कोर्स कोआर्डिनेटर के पास जाइए। इसके बाद निदेशक गाड़ी में बैठकर चले गए।