वाराणसी के आवास विकास कॉलोनी में वृद्धा अमरावती देवी (80) की मौत के बाद उन्हें जिंदा बताकर शव घर में रखे रहने और चार माह तक उनके खाते से पेंशन के रुपये निकालने के आरोप में बड़े बेटे रवि प्रकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है।
गुरुवार को लंका स्थित सेंट्रल बैंक के वरिष्ठ प्रबंधक मुहम्मद दानिश की तहरीर पर भेलूपुर थाने में रविप्रकाश के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में मुकदमा दर्ज होने के बाद पुलिस ने यह कार्रवाई की। मामले में शामिल तीन अन्य बेटों और बेटी के विरुद्ध भी जल्द कार्रवाई हो सकती है। दोपहर में पोस्टमार्टम के बाद परिवारीजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया।
कस्टम विभाग के सेवानिवृत्त सुपरिंटेंडेंट स्वर्गीय दयाराम की पत्नी अमरावती देवी आवास विकास कॉलोनी स्थित मकान में पांच बेटों और एक बेटी के साथ रहती थी। बुधवार को घर से दुर्गंध उठने पर आसपास के लोगों ने सौ नंबर पर फोन कर पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की छानबीन में पता चला कि अमरावती देवी की मौत बीते 14 जनवरी को ही हो गई थी। मगर, उनको प्रतिमाह मिलने वाली 13 हजार रुपये पेंशन की लालच में बेटे रवि प्रकाश, देव प्रकाश, योगेश्वर प्रकाश, गिरीश प्रकाश और बेटी विजय लक्ष्मी ने शव का अंतिम संस्कार नहीं किया और विशेष प्रकार के केमिकल के लेप के सहारे चार माह दस दिन से घर पर ही रखे थे।
शव पर केमिकल का लेप लगाकर एसी कमरे में रखा जाता था। एक बेटा ज्योति प्रकाश ने विरोध किया तो उसे भाई-बहन ने मारापीटा, जिसके बाद उसने घर छोड़ दिया। पुलिस सड़े-गले शव को पोस्टमार्टम के लिए ले जाने लगी तो चारों भाइयों और बहन ने विरोध करते हुए कहा था कि उनकी मां का मस्तिष्क जिंदा है। उधर, देर शाम हरिश्चंद्र घाट पर वृद्धा का अंतिम संस्कार किया गया और मुखाग्नि सबसे छोटे बेटे गिरीश प्रकाश ने दी।
इस बारे में सीओ भेलूपुर एपी सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का समय और वजह स्पष्ट होने के बाद दर्ज कराए गए मुकदमे में शव को छिपाकर रखने सहित अन्य आरोपों से संबंधित धाराएं बढ़ाई जाएंगी।
अन्य तीन बेटे और बेटी भी कार्रवाई की जद में आएंगे। उधर, सेंट्रल बैंक के मैनेजर ने बताया कि जनवरी के बाद से अब तक वृद्धा के खाते से 79800 रुपये रविप्रकाश ने निकाले थे। कस्टम विभाग को सूचित कर उनका खाता बंद कराकर आरोपियों से रिकवरी कराई जाएगी।