किसी भी दो पहिया वाहन में 100 रुपये से अधिक का तेल नहीं दिया गया। जबकि दोपहर बाद तक पंप को बंद कर दिया गया। पंप के मालिक दिनेश नारायण सिंह ने बताया कि डिपो की तरफ से होने वाली मुख्य तेल सप्लाई में कटौती की गई है।
पंप पर जितनी दैनिक खपत थी, उसकी तुलना में तीन हिस्सा कम तेल मिल रहा है। पर्याप्त स्टॉक न होने के कारण 300 रुपये की लिमिट लगानी पड़ी, ताकि सभी को थोड़ा-बहुत तेल मिल सके। स्टॉक समाप्त होने पर मजबूरन बंद करना पड़ा। इसी बीच केराकतपुर में एक और पेट्रोल पंप पर तेल पूरी तरह से खत्म हो गया।
वाराणसी में कहीं भी पेट्रोल डीजल की समस्या नहीं है। विभाग के ओर से किसी को भी मानक तय करने के लिए नहीं कहा गया है। जो पेट्रोल पंप बंद हुए हैं, उन्होंने पेमेंट नहीं जमा किया है। - अमित कुमार मालवीय, एडीएम सप्लाई।