इलाहाबाद हाईकोर्ट ने दिया आदेश।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने तथ्य छिपाकर राहत पाने वाले याची जितेंद्र यादव पर 50 हजार रुपये का हर्जाना लगाया है। साथ ही याची के विरुद्ध एसएचओ चेतगंज, वाराणसी को जांच करने का निर्देश दिया है। कहा है कि यदि संज्ञेय अपराध की बात सामने आती है तो मुकदमा दर्ज किया जाए।
साथ ही उसे दी गई अंतरिम सुरक्षा का आदेश रद्द कर याचिका खारिज कर दी। यह आदेश न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर ने शिवांगी सिंह व जितेंद्र यादव की याचिका पर दिया है। अपनी मर्जी से शादी करने वाले याचियों ने परिवार से जीवन को खतरा बता सुरक्षा मांगी थी।
हाईकोर्ट ने पुलिस कमिश्नर वाराणसी को सुरक्षा देने का निर्देश दिया था। इसके बाद विपक्षी परिवार की ओर से अर्जी दाखिल कर कहा गया कि कोर्ट को गुमराह कर अंतरिम राहत मांगी गई। जितेंद्र यादव ने 17 मार्च 2013 को प्रियंका यादव से शादी की।
इसके बाद 13 मार्च 2019 को शिखा यादव से शादी की। इसके बाद 29 सितंबर 2023 को याची शिवांगी सिंह से शादी की है। तीन शादियां कीं, लेकिन तलाक किसी से भी नहीं लिया। कोर्ट से तथ्य छिपाकर राहत ली गई है। कोर्ट ने याचियों को तलब किया। पुलिस कमिश्नर को इन्हें पेश करने का आदेश दिया। साथ ही न्यायालय ने याची जितेंद्र के खिलाफ आरोपों की जांच कर कार्रवाई का निर्देश दिया है।