वाराणसी के मंडुवाडीह के रेलवे समपार को बंद करने के विरोध में मंगलवार की सुबह सैकड़ों की संख्या में स्थानीय निवासियों ने रेलवे लाइन पर विभूति एक्सप्रेस को रोककर धरना प्रदर्शन किया। मंडुवाडीह-भटनी पैसेंजर, कोलकाता-इलाहाबाद विभूति एक्सप्रेस डेढ़ घंटे तक यार्ड में खड़ी रही। कई ट्रेनें आस-पास के स्टेशनों पर ग्रीन सिग्नल का इंतजार करती रही।
बाद में रेल अधिकारियों के आश्वासन के बाद गेट खुला और प्रदर्शन समाप्त हुआ। उधर आरपीएफ ने दर्जनों लोगों के ऊपर मुकदमा कायम किया है। प्रदर्शन पांच घंटे से ज्यादा देर तक चला। मंडुवाडीह-महमूरगंज आरओबी शुरू होने के बाद नियमत: मंडुवाडीह 3ए समपार को बंद करने की प्रक्रिया शुरू हो गई।
बीती रात रेलवे प्रशासन ने जेसीबी मशीन लगाकर गेट के दोनों छोर पर खुदाई शुरू कर दी जिसका स्थानीय लोगों ने रात में ही विरोध शुरू कर दिया। मंगलवार की सुबह आठ बजे बड़ी संख्या में क्षेत्र की महिलाएं तथा पुरुष रेलवे लाइन पर लोहे का गाटर व पत्थर रखकर धरना प्रदर्शन करने लगे। स्टेशन मास्टर विवेक सिंह ने रात में 1:25 पर रेलवे फाटक स्थाई रूप से बंद कराने का निर्देश दिया जिसके चलते रेल फाटक बंद कर दिया गया।
धरना प्रदर्शन की सूचना पर आरपीएफ कमांडेंट जितेंद्र श्रीवास्तव, एडीआरएम राजीव झा, एसीएम प्रथम सुशील कुमार गौड़ व मंडुवाडीह इंस्पेक्टर अशोक सिंह तथा सिगरा थाने की पुलिस प्रदर्शनकारियों को समझाने बुझाने में लगी थी।
प्रदर्शनकारी किसी की कोई बात सुनने को तैयार नहीं थे। रेलवे ट्रेक पर दरी बिछाकर बैठी महिलाओं का कहना था कि इस गेट के बंद होने से तुलसीपुर, आदर्श नगर, शिवपुरवा, निराला नगर, रानीपुर, बैंक कॉलोनी सहित कई कालोनियों के लोगों का आवागमन बंद हो जाएगा। इसी बीच मंडुवाडीह भटनी पैसेंजर ट्रेन आ गई। प्रदर्शनकारियों ने इसे रोक लिया।
आला अधिकारियों द्वारा गेट खुलवाए जाने के आश्वासन पर प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक से हट गए तो 9:50 पर यह ट्रेन मंडुआडीह से रवाना हुई । ट्रेन के निकलने के बाद भी गेट नही खुलने पर प्रदर्शनकारी फिर से रेलवे ट्रैक पर बैठकर धरना प्रदर्शन करने लगे।
10:29 बजे पर हावड़ा से इलाहाबाद की तरफ जा रही विभूति एक्सप्रेस को भी प्रदर्शनकारियों ने रोक दिया। बाद में दोपहर 12:13 बजे पर रेलवे के आला अधिकारियों के आदेश पर गेट को खोला गया तब जाकर प्रदर्शनकारी रेलवे लाइन से हटे और विभूति एक्सप्रेस इलाहाबाद की ओर रवाना हुई।
रेलवे पुलिस ने बताया कि मंडुवाडीह में हुए रेल चक्काजाम में आरपीएफ ने छह नामजद और लगभग 300 अज्ञात लोगों पर सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया।