वरिष्ठ वकील और 'आप' नेता प्रशांत भूषण की ओर से दिए गए बयान के बाद उनका विरोध थम नहीं रहा। मंगलवार को पूर्वांचल के कई जिलों में भाजपा,एबीवीपी,विश्व हिंदू महासंघ,बजरंग दल और हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्तओं ने प्रशांत भूषण के खिलाफ गुस्से का इजहार किया गया।
प्रशांत भूषण ने हाल ही में भगवान कृष्ण पर विवादित ट्वीट किया था, हालांकि बाद में उन्होंने माफी भी मांगी। वाराणसी,सोनभद्र, गाजीपुर और जौनपुर में पुतला फूंका गया। वाराणसी में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बीएचयू इकाई के छात्रों ने सिंह द्वार पर अधिवक्ता प्रशांत भूषण का पुतला फूंका।
इससे पहले बजरंग दल के सदस्यों ने प्रशांत भूषण का शवयात्रा निकाला। प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य प्रभाकर तिवारी ने कहा कि हमारे आदर्श भगवान श्रीकृष्ण के प्रति ऐसी टिप्पणी करने वाले को देश में रहने का अधिकार नहीं है।
उधर, रामनगर में विश्व हिंदू महासंघ के कार्यकर्ताओं ने संदीप श्रीवास्तव व सोनू सेठ के नेतृत्व में शास्त्री चौक पर प्रशांत भूषण का पुतला फूंका। कार्यकर्ताओं ने प्रशांत भूषण के खिलाफ प्रदर्शन किया और जुलूस भी निकाला। कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिस दिन हिंदू जनमानस पूरी तरह जाग जाएगा, उसे दिन ऐसे लोगों को भगवान भी नहीं बचा पाएंगे।
गाजीपुर में हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने सकलेनाबाद चौक पर प्रशांत भूषण का पुतला दहन कर अपने गुस्से का इजहार किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा कि उनका इस तरह का बयान सहन नहीं किया जाएगा। कार्यकर्ताओं ने कहा कि उनको पूरे हिंदू जनमानस से अपने घृणित बयान के लिए सार्वजनिक क्षमा मांगनी चाहिए।
सोनभद्र के ओबरा में भाजपाइयों ने प्रशांत भूषण द्वारा पुतला फूंक कर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रशांत भूषण के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की। कहा गया कि धार्मिक आस्थाओं का सहारा लेकर राजनीति में अपना वोट बैंक बनाना ठीक नहीं है।