पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार बारिश होने से सरयू नदी में जलस्तर तेजी से बढ़ने से तटवर्ती इलाकों को नदी के कहर बरपाने की चिंता सताने लगी है। गुरुवार को नदी का जलस्तर 67.50 मीटर रहा। शुक्रवार को नदी के जलस्तर में 60 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी का जलस्तर 68.10 मीटर पर पहुंच गया। जबकि गौरीशंकर घाट पर खतरा बिंदु 69.90 मीटर है। नदी के बढ़ने का यही क्रम रहा तो नदी दो दिन में ही खतरे के निशान तक पहुंच सकती है।
नदी के जलस्तर में बढ़ाव के कारण नगर स्थित दुर्गा मंदिर, शाही मस्जिद, लोक निर्माण विभाग का डाक बंगला, खाकी बाबा की कुटी, डीह बाबा का मंदिर, हनुमान मंदिर आदि का अस्तित्व खतरे में है।
वहीं नदी के तटवर्ती इलाकों के गांवों धनौली रामपुर, नईबाजार, नवली, चिऊंटीडांड़, बहादुरपुर, बीबीपुर, गौरीडीह, बेलौली, ताहिरपुर, जमीरा, चौराडीह, जमीरा चौराडीह आदि गांवों में भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। नदी की लहरें मुक्तिधाम पर टक्कर मार रही है। नदी में तेजी से बढ़ रहे जलस्तर से तटवर्ती इलाकों के किसान धान की रोपाई कराने को लेकर उहापोह में पड़े हैं।