यूपी और बिहार के लोगों से गाली-गलौज कर उन्हें गुजरात छोड़ने की धमकी दी जा रही थी। मिर्जापुर के रामबिलास ने बताया कि वह ढाई साल से गांधीनगर में काम कर रहा था लेकिन सामूहिक मारपीट पहले कभी नहीं देखी थी।
गुजरात में उत्तर भारतीय परिवारों पर हमलों एवं इससे बने भय के वातावरण पर कांग्रेस के पूर्व विधायक अजय राय ने चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि उत्तर भारतीयों के पलायन की खबरें दुखद एवं शर्मनाक हैं।
गांधी की परंपरा के विरुद्ध गुजरात में उभरते हालात पूरे देश के लिए चिंता का विषय है। यह वहां के शासन-प्रशासन की व्यवस्था के लिए कलंक भी है। पूर्व विधायक ने कहा कि उत्तर भारत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को काशी से सांसद चुना है।
हैरत है कि फिर भी गुजरात में संकीर्ण क्षेत्रवादी मानसिकता का प्रदर्शन किया जा रहा है। ऐसी घटनाओं पर तत्काल प्रभावी अंकुश नहीं लगने पर कांग्रेस द्वारा सत्याग्रह किया जाएगा।
गुजरात में उत्तर भारतीयों खासतौर से यूपी और बिहार के लोगों पर हो रहे सामूहिक हमले का विरोध अब शुरू हो चुका है। मंगलवार को इसका खासा असर पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र में दिखाई देने लगा है। कई जगहों पर विरोध में पोस्टर चिपकाये गए, जिसपर लिखा है- गुजराती नरेंद्र मोदी बनारस छोड़ो।
साथ ही बनारस में रह रहे गुजरातियों व महाराष्ट्र के लोगों को एक हफ्ते में बनारस छोड़ने की चेतावनी जारी की गई है। ऐसे पोस्टर यूपी बिहार एकता मंच की तरफ से लगाए गए हैं।
बता दें कि पिछले दिनों एक बच्ची से दुष्कर्म के बाद से ही गुजरात में उत्तर भारतीय (बिहार, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश) समुदाय के लोगों पर हमले की घटनाएं हुईं। इन लोगों को गुजरात छोडने की धमकियां दी जा रही हैं। दहशत के चलते बड़ी संख्या में लोगों ने वहां से पलायन भी किया है।
वाराणसी के सिगरा क्षेत्र में पोस्टर लगा रहे यूपी- बिहार एकता मंच के सदस्यों ने कहा कि गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हो रहे हमले गलत है। उत्तर भारतीय जो काम की तलाश में गुजरात और महाराष्ट्र जा रहे हैं उन्हें वहां से पलायन को मजबूर किया जा रहा है। इस संबंध में हमने आज एक चेतावनी पत्र जारी किया है।