पुलिस सहित पीएसी के जवानों की तैनाती
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संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत के रिलीज होने के साथ ही वाराणसी में भी विरोध शुरू हो गया। गुरुवार को सिगरा थाना क्षेत्र के आईपी मॉल के सामने एक युवक ने मिट्टी का तेल छिड़क कर आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर तैनात पुलिस वालों ने उसे हिरासत में ले लिया। विरोध करने और शांति भंग करने के मामले में पुलिस ने दो महिला और एक युवक को हिरासत में लिया है।
कैंटोमेंट क्षेत्र में विरोध करने पहुंचे युवकों को पुलिस ने भगा दिया। दूसरी तरफ थिएटर पर सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के बाद भी सिनेमा हाल की कुर्सियां खाली रहीं। गुरुवार को पद्मावत फिल्म के रिलीज होने के बाद आईपी सिनेमा के सामने फूलपुर थाना क्षेत्र के फतेहपुर ताड़ीगांव के धर्मेंद्र प्रताप सिंह उर्फ राणा ने मिट्टी का तेल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया।
मॉल के बाहर तैनात पुलिसकर्मियों ने उसे दबोच लिया। धर्मेंद्र का आत्महत्या के प्रयास में चालान कर जेल भेज दिया गया है। वहीं, वंदना रघुवंशी, सुषमा श्रीवास्तव और आनंद प्रकाश सिंह ने आईपी माल के सामने सड़क पर लेटकर यातायात बाधित कर दिया। पुलिस ने उक्त तीनों को शांतिभंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया।
कैंटोमेंट स्थित जेएचवी सिनेमा हॉल के बाहर कुछ युवकों ने पुतला फूंकने का प्रयास किया लेकिन कैंट पुलिस ने बल प्रयोग करके युवकों को खदेड़ दिया।बनारस के पांच सिनेमाहॉलों में ही यह फिल्म रिलीज की गई और इन पांचों के बाहर पुलिस सहित पीएसी के जवानों की तैनाती की गई। इस फिल्म के रिलीज से पहले क्षत्रिय महासभा और अन्य कई संगठनों की ओर से दी गई चेतावनी के डर से पब्लिक सिनेमा हॉल में पहुंचने से कतरा रही है, जिसका असर शहर के मुख्य दो मल्टीप्लेक्स में देखने को मिला।
आइपी सिगरा के मैनेजर अर्पित यादव ने बताया कि बड़े स्टार्स के फर्स्ट डे फर्स्ट शो का अलग ही क्रेेज होता है लेकिन विरोध प्रदर्शन के डर से थिएटर में लोगों की संख्या बहुत कम रही। पहले शो में केवल 35 लोगों ने ही टिकट ली थी। शाम तक यह आंकड़ा लगभग नौ सौ के पास पहुंच गया था। जेएचवी मॉल और लक्सा स्थित कार्निवाल के पहले शो में 25 से 30 लोग ही रहे।