उन्हें घर के बाहर ही रोक दिया गया और कहा गया कि डॉक्टर अभी उठे नहीं हैं। परिजनों का आरोप है कि चिकित्सक ने इलाज में लापरवाही बरती है। कभी चिकित्सक का बेटा देखता था कभी उनकी बहू और कभी उनका कंपाउंडर जांच किया करता था। शुक्रवार सुबह जब कृष्णकांत अपने बेटे को लेकर आए तो उस समय भी कंपाउंडर ने देखा और बोला डॉक्टर साहब आएंगे।
आखिरकार डॉक्टर नहीं आए। इस बीच अनिरुद्ध ने दम तोड़ दिया। अधिवक्ता साथी के बेटे की मौत की सूचना पर पहुंचे अधिवक्ताओं ने भी क्लिनिक पर हंगामा किया। चेतगंज इंस्पेक्टर प्रवीण कुमार ने बताया कि पिता की तहरीर के आधार पर डॉ. एमएम लाल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।