इसको देखते हुए घाटों के किनारे के लोगों को अलर्ट किया गया है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, गंगा का चेतावनी स्तर 70.26 मीटर है। गंगा के बढ़ाव के चलते घाटों के बजाय गलियों में शवदाह हो रहा है। इससे दाह संस्कार में भी परेशानी हो रही है।
वरुणा नदी के किनारे इलाके में रहने वाले लोग करने लगे पलायन
वहीं वाराणसी के पुरानापुल, सलारपुर, पुलकोहना क्षेत्रों में वरुणा नदी का पानी घरों व मकानों में घुस गया है। जिसके कारण जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। लोग जरूरत के सामानों को निकाल कर किराए के मकान पर रहने के लिए मजबूर हो गए हैं। सलारपुर क्षेत्र में लगभग 25 परिवार के लगभग 200 लोगों ने अपना मकान छोड़ दिया है। पिछले 2 दिनों से लगातार वरुणा नदी का जलस्तर बढ़ता चला जा रहा है। लेकिन अभी भी क्षेत्र में कोई सरकारी सुविधा मुहैया नहीं हो पाई है।
कुछ लोग मकान के निचले तल को खाली कर दूसरी मंजिल पर चले गए हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, वरुणा नदी के किनारे बसे सरायमोहना, कोनिया, पुराना पुल, शैलपुत्री, मड़िया, शक्कर तालाब, तीन पुलिया, नक्खी घाट, हिदायत नगर, अंसार नगर, दीनदयालपुर , वघवानाला, ढ़ेलवरिया और चौकाघाट इलाके में रहने वाले लोगों के घरों में बाढ़ का पानी भर गया है।
नक्खी घाट स्थित अंसार नगर और हिदायत नगर में रहने वाले अहमद, मोहम्मद जमील, सलीम, मुख्तार, रजिया, सहित दर्जनों लोगों ने बताया कि रविवार शाम से वरुणा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। वरुणा पर बने पुराने पुल के गेटमैन अनिल कुमार व विजय चौबे ने बताया कि फिलहाल बांध के सातों फाटक बंद है, लेकिन गंगा नदी में हो रहे लगातार बढ़ाव के कारण बाढ़ का पानी पलट प्रवाह के कारण बांध के चैनल के ऊपर से बह रहा है।
बलिया में गंगा ने पार किया डेंजर लेवल :
लगातार बढ़ रहे गंगा के जलस्तर ने सोमवार की देर शाम डेंजर लेवल को पार कर दिया। डेंजर लेवल के पार करते गंगा की लहरों ने तबाही मचानी शुरु कर दी है। मंगलवार की सुबह लाला बगीचे सोनरा टोला में जिओ बैग से बना प्लेटफार्म गंगा की लहरों में समा गया। वहीं, केहरपुर में भी फ्लड फाइटिंग के तहत डाले गए जिओ बैग भी बह गए। सूचना पर पहुंचे एसडीएम दुष्यंत कुमार ने स्थिति का जायजा लिया और कटान रोकने के लिए बाढ़ विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया।
गंगा का जलस्तर डेंजर लेवल 57.610 को पार करने के बाद मीडियम फ्लड लेवल 58.615 मी पार करने को बेताब है। मंगलवार की शाम केंद्रीय जल आयोग गाय घाट पर 58.30 मी रिकार्ड किया गया। जबकि प्रति घंटे तीन सेमी का बढ़ाव दर्ज किया गया। गंगा ने खतरे के निशान पार करते ही क्षेत्र में तबाही मचानी शुरू कर दी है।
गाजीपुर में अगले 24 घंटे में खतरे का निशान पार हो जाएगा :
मंगलवार को दिन में एक बजे तक 62.920 मीटर जलस्तर दर्ज किया गया। जिले में खतरे का बिंदु 63.105 मीटर है। अगले 24 घंटे में गंगा खतरे के निशान को पार कर लेंगी। गंगा, गोमती आदि नदियों में बढ़ाव के चलते इनके तटवर्ती गांवों की हालत काफी खराब हो गई है। पानी दर्जनों गांवों के करीब पहुंच गया है।
करंडा, मुहम्मदाबाद, भांवरकोल आदि इलाकों में कटान भी हो रहा है। गाजीपुर, खानपुर, औड़िहार, मुहम्मदाबाद क्षेत्र में बाढ़ की वजह से अधिकतर लोग अपना सामान समेटने लगे हैं तथा पलायन के मूड में आ गए हैं। जलस्तर अभी और बढ़ा तो गंगा रौद्र रूप धारण कर सकती हैं। गोमती भी बढ़ाव पर है जिससे दर्जन भर गांव पानी से घिरे हुए हैं। जिले की अन्य छोटी नदियां भी उफान पर आ गई हैं। जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन एलर्ट हो गया है।
मऊ के दोहरीघाट में घाघरा नदी में कई दिनों से जलस्तर में हो रही बढ़ोत्तरी से तटवर्ती लोग परेशान थे। लेकिन पिछले 24 घंटे में घाघरा का जलस्तर स्थिर होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। सोमवार को घाघरा का जलस्तर 69.50 सेमी था। जबकि मंगलवार को यह 69.50 सेमी पर ही स्थिर रहा। गौरीशंकर घाट पर खतरा बिंदु 69.90 मीटर है।
मिर्जापुर में मंगलवार को गंगा का जलस्तर 75. 540 मीटर रिकार्ड किया गया। रविवार को गंगा बढ़ाव की गति जहां 12 सेमी प्रति घंटा थी तो सोमवार को घटकर यह पांच सेमी प्रति घंटा ही रह गई। मंगलवार को इसमें काफी कमी आई और गंगा में बढ़ाव की दर एक सेमी प्रति घंटा ही रह गई।