संगोष्ठी में दो किताबों का लोकार्पण भी किया गया। पहली किताब ‘इंडियन नॉलेज सिस्टम फॉर 21 सेंचुरी के लेखक प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल और डॉ. रोमसा शुक्ला हैं। दूसरी ‘आहम अस्मी रोमासा’ के लेखक प्रो. रजनीश कुमार शुक्ल हैं।
मुख्य अतिथि इतिहास संकलन समिति के राष्ट्रीय संगठन मंत्री डॉ. बालमुकुंद पांडेय ने कहा कि मताधिकार, जनभागीदारी और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर नागरिक की भूमिका है। कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार हर्षवर्धन त्रिपाठी, प्रो. उमेश कदम, प्रो. एमडी कुतुबुद्दीन और हेरंब वर्मा मौजूद रहे।
संगोष्ठी का समापन प्रश्नोत्तर सत्र के साथ हुआ। इसके बाद प्रमाणपत्र और पुरस्कार वितरण समारोह हुआ। इस दौरान प्रो. केशव मिश्र, प्रो. प्रवेश भारद्वाज, प्रो. अनुराधा सिंह, प्रो. अनूप मिश्र, डॉ. बाला लखेंद्र मौजूद रहे। संचालन डॉ. हरीश पांडेय ने किया।